क्या आपका वाई-फाई किसी और के इस्तेमाल से धीमा हो रहा है? इन आसान सेटिंग्स से करें सुरक्षित
आज के समय में हर घर में वाई-फाई नेटवर्क होना आम बात हो गई है। लेकिन अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका इंटरनेट अचानक धीमा हो जाता है या नेटवर्क सही से काम नहीं करता। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि कोई पड़ोसी या अनजान व्यक्ति आपके वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहा हो। कई बार पासवर्ड लीक होने या सुरक्षा कमजोर होने के कारण लोग बिना अनुमति के नेटवर्क से जुड़ जाते हैं। ऐसे में आपका इंटरनेट धीमा होने के साथ-साथ डेटा चोरी का खतरा भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कुछ आसान तरीके जिनसे आप अपने वाई-फाई नेटवर्क को पूरी तरह सुरक्षित बना सकते हैं।
सबसे पहले जानें कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हैं
अगर आपको लगता है कि कोई दूसरा व्यक्ति आपके इंटरनेट का उपयोग कर रहा है, तो सबसे पहले राउटर की सेटिंग्स में जाकर जुड़े हुए डिवाइस की सूची देखें। इसके लिए राउटर के एडमिन पैनल में लॉगिन करना होगा। वहां आपको “Connected Devices” या “Attached Devices” जैसा विकल्प मिलेगा।
इस सेक्शन में उन सभी मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और अन्य उपकरणों की जानकारी होगी जो आपके वाई-फाई से जुड़े हैं। अगर सूची में कोई ऐसा डिवाइस दिखे जिसे आप पहचान नहीं पा रहे हैं, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें। यह आपके नेटवर्क को सुरक्षित रखने का पहला और सबसे जरूरी कदम है।
वाई-फाई का पासवर्ड बदलें और मजबूत बनाएं
अगर अनजान डिवाइस दिखाई दे, तो सबसे जरूरी कदम है पासवर्ड बदलना। पुराना पासवर्ड इस्तेमाल करते रहना जोखिम भरा हो सकता है। नया पासवर्ड मजबूत होना चाहिए। इसमें बड़े और छोटे अक्षर, अंक और विशेष चिन्ह जैसे @, #, $, ! शामिल करें। कोशिश करें कि पासवर्ड कम से कम 12 अक्षरों का हो। अपने नाम, मोबाइल नंबर या जन्मतिथि जैसे आसान शब्दों का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ऐसे पासवर्ड जल्दी अनुमान लगाए जा सकते हैं।
पुरानी सुरक्षा प्रणाली से बचना जरूरी
कई पुराने राउटर अभी भी कमजोर सुरक्षा प्रणाली पर चल रहे हैं। अगर आपके राउटर में WEP सुरक्षा विकल्प चालू है, तो उसे तुरंत बदल दें। विशेषज्ञ WPA3 या WPA2 का उपयोग करने की सलाह देते हैं। इससे नेटवर्क को हैक करना बहुत मुश्किल हो जाता है। आप राउटर की सेटिंग्स में जाकर सुरक्षा विकल्प को बदल सकते हैं।
वाई-फाई का नाम छिपाने से बढ़ती है सुरक्षा
अधिकांश राउटर अपने नेटवर्क का नाम सभी लोगों को दिखाते हैं। यही वजह है कि आसपास मौजूद लोग आसानी से नेटवर्क देख लेते हैं। आप चाहें तो राउटर सेटिंग्स में जाकर “Hide SSID” या “Disable SSID Broadcast” विकल्प चालू कर सकते हैं। इससे आपका वाई-फाई नाम दूसरों को दिखाई नहीं देगा। हालांकि इससे सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं होती, लेकिन अनजान लोगों के लिए नेटवर्क ढूंढना मुश्किल जरूर हो जाता है।
सिर्फ भरोसेमंद डिवाइस को दें एक्सेस
वाई-फाई सुरक्षा बढ़ाने का एक और प्रभावी तरीका है MAC एड्रेस फिल्टरिंग। इसमें आप तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से उपकरण आपके नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। हर मोबाइल और लैपटॉप का एक अलग MAC Address होता है। राउटर में सिर्फ भरोसेमंद डिवाइस के एड्रेस जोड़ने से बाकी सभी उपकरण अपने आप ब्लॉक हो जाते हैं। इस तरह कोई भी अनजान व्यक्ति आपके नेटवर्क से नहीं जुड़ सकेगा।
राउटर का फर्मवेयर अपडेट रखें
राउटर का फर्मवेयर समय-समय पर अपडेट करना भी जरूरी है। कंपनियां नई सुरक्षा कमजोरियों को ठीक करने के लिए अपडेट जारी करती हैं। पुराने फर्मवेयर में सुरक्षा संबंधी खामियां हो सकती हैं, जिनका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं। राउटर के एडमिन पैनल में जाकर फर्मवेयर अपडेट विकल्प देखें और नवीनतम संस्करण इंस्टॉल करें।
गेस्ट नेटवर्क का उपयोग करें
अगर आपके घर में अक्सर मेहमान आते हैं और उन्हें वाई-फाई देना पड़ता है, तो गेस्ट नेटवर्क का उपयोग करें। यह एक अलग नेटवर्क होता है जो आपके मुख्य नेटवर्क से अलग रहता है। इससे आपके निजी डिवाइस सुरक्षित रहते हैं और मेहमानों को सिर्फ इंटरनेट की सुविधा मिलती है। राउटर सेटिंग्स में गेस्ट नेटवर्क विकल्प को चालू करके आप यह सुविधा आसानी से सेट कर सकते हैं।
राउटर को नियमित रूप से रीस्टार्ट करें
राउटर को समय-समय पर रीस्टार्ट करने से भी नेटवर्क सुरक्षा बढ़ती है। इससे राउटर का कैश साफ होता है और कोई भी अनचाहा कनेक्शन अपने आप टूट जाता है। हफ्ते में एक बार राउटर को बंद करके कुछ मिनट बाद चालू करने की आदत डालें। इससे नेटवर्क की परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है।
डिवाइस की सुरक्षा जांचें
आपके घर के सभी डिवाइस जैसे मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी में एंटीवायरस और फायरवॉल चालू रखें। कई बार डिवाइस में मैलवेयर होने से आपका पासवर्ड लीक हो सकता है। नियमित रूप से डिवाइस की सुरक्षा जांच करते रहें और अनजान स्रोतों से कोई ऐप या सॉफ्टवेयर इंस्टॉल न करें।
नेटवर्क की गतिविधि पर नजर रखें
अगर आपको लगातार नेटवर्क धीमा लगता है, तो राउटर के लॉग या एक्टिविटी रिकॉर्ड को देखें। कई राउटर में यह सुविधा होती है कि आप देख सकते हैं कि किस समय कौन सा डिवाइस कितना डेटा इस्तेमाल कर रहा है। इससे आपको पता चल जाएगा कि कोई अनजान डिवाइस ज्यादा डेटा खर्च तो नहीं कर रहा।