टेक जॉब्स का संकट: 2026 में बड़ी कंपनियों में छंटनी का सिलसिला जारी

वैश्विक तकनीकी उद्योग में इस वर्ष छंटनियों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेटा, अमेजन, लिंक्डइन और सिस्को जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है या निकालने की प्रक्रिया में हैं। इन कंपनियों द्वारा बताए गए मुख्य कारणों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर बढ़ता ध्यान, खर्चों में कटौती और संगठनात्मक पुनर्गठन शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक तकनीकी क्षेत्र में एक लाख से अधिक नौकरियां समाप्त हो चुकी हैं।

मेटा में आठ हजार कर्मचारियों की छंटनी

सोशल मीडिया की प्रमुख कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना बना रही है। यह प्रक्रिया मई के तीसरे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। इस निर्णय के तहत कंपनी अपने वैश्विक कार्यबल में लगभग दस प्रतिशत की कमी करेगी, जिससे करीब आठ हजार कर्मचारी प्रभावित होंगे। छंटनी के साथ-साथ मेटा ने लगभग छह हजार खाली पदों पर नई भर्तियों पर भी रोक लगा दी है।

मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग के अनुसार, इस पुनर्गठन का उद्देश्य टीमों को अधिक कुशल बनाना है ताकि कंपनी कई बड़ी परियोजनाओं पर एक साथ तेजी से काम कर सके। प्रभावित कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि अमेरिका में निकाले जाने वाले कर्मियों को सोलह सप्ताह का मूल वेतन दिया जाएगा। साथ ही, कंपनी में उनके कार्यकाल के आधार पर अतिरिक्त मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।

अमेजन ने तीस हजार नौकरियां खत्म कीं

ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने भी इस वर्ष अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती की है। कंपनी ने पिछले छह महीनों के दौरान विभिन्न चरणों में लगभग तीस हजार कॉर्पोरेट नौकरियों को समाप्त कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर में चौदह हजार कर्मचारियों को निकाला गया था, जबकि इस वर्ष जनवरी में सोलह हजार और पदों की कटौती की गई।

अमेजन के इस कदम का मुख्य उद्देश्य अपने सिस्टम से नौकरशाही को कम करना और आंतरिक कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। इन बदलावों के माध्यम से कंपनी अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

लिंक्डइन में पांच प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी

प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन अपने कुल कार्यबल में से लगभग पांच प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रहा है। दुनिया भर में सत्रह हजार पांच सौ से अधिक पूर्णकालिक कर्मचारियों वाली इस कंपनी ने यह निर्णय तब लिया है जब उसके राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में बारह प्रतिशत की ठोस वृद्धि दर्ज की गई है।

इस वित्तीय मजबूती के बावजूद, कंपनी अपनी टीमों का पुनर्गठन कर रही है ताकि उन व्यावसायिक क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जा सके जहां भविष्य में विकास की अधिक संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस छंटनी का मुख्य कारण एआई के माध्यम से मानव श्रम को बदलना नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्राथमिकताओं में बदलाव करना है।

सिस्को में चार हजार नौकरियां प्रभावित

छंटनी की इस लहर में अमेरिकी नेटवर्किंग कंपनी सिस्को का नाम भी शामिल हो गया है। कंपनी अपने वैश्विक कार्यबल में से लगभग पांच प्रतिशत यानी करीब चार हजार कर्मचारियों को निकालने जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछली तिमाही में कंपनी के राजस्व में बारह प्रतिशत का शानदार उछाल आया है, फिर भी प्रबंधन को यह कठोर कदम उठाना पड़ रहा है।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चक रॉबिंस के अनुसार, तेजी से बढ़ते एआई बाजार में मजबूती से टिके रहने के लिए कुछ कठोर फैसले लेना आवश्यक हो गया था। सिस्को अब अपनी टीमों का पुनर्गठन कर रही है और अपना मुख्य ध्यान एआई, साइबर सुरक्षा, सिलिकॉन और ऑप्टिक्स जैसे भविष्य के विकास वाले क्षेत्रों पर केंद्रित कर रही है। प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी की ओर से सेवरेंस पैकेज, बोनस और नई नौकरी खोजने में मदद के साथ-साथ कौशल बढ़ाने के लिए सिस्को के पाठ्यक्रमों का एक वर्ष का निःशुल्क एक्सेस भी दिया जाएगा।

अन्य प्रमुख कंपनियों की स्थिति

  • माइक्रोसॉफ्ट: हालांकि कंपनी ने मेटा या अमेजन जितनी बड़ी छंटनी की घोषणा नहीं की है, लेकिन वह अपनी टीमों में बदलाव कर रही है। कुछ विभागों में नई भर्तियों पर रोक है और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कंपनी का मुख्य ध्यान अब एआई बुनियादी ढांचे और क्लाउड व्यवसाय पर है।
  • ब्लॉक: वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी ब्लॉक ने अपने लगभग पचास प्रतिशत कर्मचारियों को निकालने की योजना बनाई है। उनका ध्यान भी अब एआई और दक्षता पर है।
  • क्लाउडफ्लेयर: पिछले ही सप्ताह कंपनी ने अपने कार्यबल में लगभग बीस प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है।

2026 में अब तक एक लाख से अधिक छंटनियां

वर्ष 2026 तकनीकी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए अत्यधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। छंटनी के आंकड़ों पर नजर रखने वाली वेबसाइट के अनुसार, इस वर्ष अब तक तकनीकी क्षेत्र में एक लाख तीन हजार से अधिक लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। यह संख्या इसलिए चिंताजनक है क्योंकि 2026 के शुरुआती महीनों में ही यह आंकड़ा 2025 में हुई कुल एक लाख चौबीस हजार छंटनियों के बेहद करीब पहुंच गया है।

ये आंकड़े स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि वैश्विक मंदी की आशंका और कंपनियों की बदलती प्राथमिकताओं के कारण तकनीकी उद्योग वर्तमान में एक गहरे संकट और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कंपनियां अपने खर्चों को नियंत्रित करने और एआई जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने कार्यबल को कम कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में रोजगार के अवसरों पर और प्रभाव पड़ सकता है।