भारत में AI पेशेवरों की मांग में 60% की बढ़ोतरी, बेंगलुरु और हैदराबाद बने शीर्ष शहर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह वर्तमान के कार्यक्षेत्र का अभिन्न अंग बन चुका है। भारत में AI विशेषज्ञों की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। लिंक्डइन द्वारा जारी ‘एआई लेबर मार्केट रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल AI पेशेवरों की भर्ती में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। छोटे स्टार्टअप से लेकर बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां तक, हर संगठन अपने सिस्टम में AI को शामिल करने की कोशिश कर रहा है, जिससे कुशल इंजीनियरों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।

बेंगलुरु का दबदबा और छोटे शहरों का उभार

भारत का आईटी हब बेंगलुरु AI प्रतिभा के मामले में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए हुए है। हालांकि, सबसे उल्लेखनीय बात टियर-2 शहरों का तेजी से उभरना है। हैदराबाद में AI भर्ती में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं विजयवाड़ा जैसे शहर ने 45.5 प्रतिशत की छलांग लगाकर सबको चौंका दिया है। यह संकेत है कि AI क्षेत्र में अवसर अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रह गए हैं।

लिंक्डइन इंडिया के इंजीनियरिंग प्रमुख के अनुसार, बाजार में उन लोगों की अधिक मांग है जो AI एजेंट्स और उत्पादकता उपकरणों का व्यावहारिक उपयोग जानते हैं। उन्होंने पेशेवरों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द अपने दैनिक कार्यों में AI को अपनाएं ताकि प्रतिस्पर्धी बने रह सकें।

विनिर्माण से लेकर कॉरपोरेट तक भारी निवेश

AI को अपनाने की होड़ अब केवल सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं है। बड़ी कंपनियां अपने बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए भारी निवेश कर रही हैं। मध्यम और छोटी कंपनियां भी इस तकनीक को तेजी से अपना रही हैं। इसका सबसे बड़ा प्रभाव विनिर्माण क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां साल 2025 के दौरान AI इंजीनियरों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि AI अब हर उद्योग का अभिन्न हिस्सा बन रहा है।

क्या AI से शुरुआती नौकरियों को खतरा है?

अक्सर यह आशंका जताई जाती है कि AI सबसे पहले फ्रेशर्स और एंट्री-लेवल की नौकरियों को खत्म करेगा। लेकिन रिपोर्ट के आंकड़े इस धारणा को गलत साबित करते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और भारत में शुरुआती पदों पर भर्ती में जो गिरावट आई है, उसका मुख्य कारण AI नहीं, बल्कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक सुस्ती है। डेटा में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि AI के कारण सीधे तौर पर शुरुआती स्तर की नौकरियां खत्म हो रही हैं।

AI क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि भविष्य में इस तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। जो पेशेवर खुद को इस बदलाव के अनुरूप ढाल लेंगे, वे इस बढ़ते बाजार का सबसे अधिक लाभ उठा सकेंगे।

  • बेंगलुरु और हैदराबाद AI भर्ती में अग्रणी शहर बने हुए हैं
  • विजयवाड़ा जैसे छोटे शहर भी तेजी से उभर रहे हैं
  • विनिर्माण क्षेत्र में AI इंजीनियरों की संख्या चार गुना बढ़ी
  • शुरुआती नौकरियों पर AI का सीधा प्रभाव नहीं पड़ा है