टचस्क्रीन लैपटॉप में अनचाहे टच से छुटकारा पाने के आसान उपाय

टचस्क्रीन लैपटॉप आधुनिक तकनीक का एक शानदार उदाहरण हैं, जो काम को अधिक इंटरैक्टिव और सुविधाजनक बनाते हैं। हालांकि, कई बार यही सुविधा परेशानी का कारण बन जाती है। अनचाहे टच, स्क्रीन पर उंगलियों के धब्बे और बैटरी का तेजी से खत्म होना जैसी समस्याएं आम हैं। अगर आप भी इन्हीं दिक्कतों से जूझ रहे हैं और अपने विंडोज लैपटॉप की टचस्क्रीन को कुछ समय के लिए बंद करना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बहुत सरल है। आइए जानते हैं इसे करने का तरीका।

विंडोज 10 और 11 में टचस्क्रीन को बंद करने की विधि

डिवाइस मैनेजर के जरिए आप कुछ ही कदमों में अपनी टचस्क्रीन को निष्क्रिय कर सकते हैं। नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें:

  • डिवाइस मैनेजर खोलें: सबसे पहले, अपने लैपटॉप के स्टार्ट बटन पर राइट-क्लिक करें और मेन्यू से ‘डिवाइस मैनेजर’ चुनें। आप सर्च बार में भी ‘डिवाइस मैनेजर’ टाइप कर सकते हैं।
  • ड्राइवर खोजें: खुलने वाली विंडो में ‘Human Interface Devices’ नाम के विकल्प पर क्लिक करें और इसे विस्तार से देखें।
  • डिवाइस को निष्क्रिय करें: यहां आपको ‘HID-compliant touch screen’ दिखाई देगा। इस पर राइट-क्लिक करें और ‘Disable device’ का विकल्प चुनें।
  • पुष्टि करें: स्क्रीन पर एक पॉप-अप आएगा जो आपसे पुष्टि मांगेगा। ‘Yes’ पर क्लिक करके प्रक्रिया पूरी करें।

महत्वपूर्ण सुझाव: अगर सूची में एक से अधिक ‘HID-compliant touch screen’ दिखाई दें, तो सुनिश्चित करें कि आप उन सभी को इसी तरह निष्क्रिय कर दें। इससे टचस्क्रीन पूरी तरह से बंद हो जाएगी।

क्रोमबुक उपयोगकर्ताओं के लिए शॉर्टकट

अगर आप क्रोमबुक का उपयोग करते हैं, तो आपको लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है। बस अपने कीबोर्ड पर ‘Search + Shift + T’ दबाएं, और टचस्क्रीन तुरंत काम करना बंद कर देगी। यह एक त्वरित और प्रभावी उपाय है।

टचस्क्रीन को वापस चालू कैसे करें

यदि भविष्य में आप टच फीचर का दोबारा उपयोग करना चाहें, तो यह भी उतना ही आसान है। आपको ऊपर बताए गए सभी चरणों को दोहराना होगा, लेकिन इस बार ‘Disable device’ के बजाय ‘Enable device’ पर क्लिक करें। इससे टचस्क्रीन पुनः सक्रिय हो जाएगी।

टचस्क्रीन लैपटॉप के नुकसान: लोग इसे क्यों बंद करते हैं?

टचस्क्रीन लैपटॉप दिखने में भले ही आकर्षक हों, लेकिन इनके कुछ व्यावहारिक नुकसान हैं, जिनकी वजह से कई उपयोगकर्ता इसे बंद रखना पसंद करते हैं। सबसे बड़ी समस्या बैटरी की जल्दी खपत है। टचस्क्रीन को काम करने के लिए एक विशेष डिजिटाइजर लेयर की आवश्यकता होती है, जो हमेशा सक्रिय रहती है और सामान्य स्क्रीन की तुलना में अधिक बिजली की खपत करती है। इसके अलावा, स्क्रीन पर बार-बार उंगलियां लगाने से तेल और धूल के निशान पड़ जाते हैं, जिन्हें साफ करना एक अतिरिक्त झंझट है।

इन समस्याओं के अलावा, टचस्क्रीन आमतौर पर चमकदार होती हैं। इसलिए, यदि आप तेज रोशनी में या बाहर काम कर रहे हैं, तो रिफ्लेक्शन के कारण स्क्रीन पर कुछ देखना मुश्किल हो जाता है। लगातार स्क्रीन पर हाथ उठाकर टच करने से हाथों, कंधों और गर्दन की मांसपेशियों में थकान और दर्द भी हो सकता है।

कीमत और बनावट की बात करें, तो टचस्क्रीन पैनल न केवल अधिक महंगे होते हैं, बल्कि इनका वजन भी ज्यादा होता है, जिससे लैपटॉप भारी हो जाता है। ये स्क्रीन नाजुक भी होती हैं, इसलिए इनके टूटने का खतरा अधिक रहता है, और मरम्मत का खर्च काफी भारी पड़ सकता है। अंत में, काम की सटीकता भी एक बड़ा मुद्दा है। मूवी देखने या फोटो स्वाइप करने के लिए तो टचस्क्रीन बेहतरीन है, लेकिन विंडोज डेस्कटॉप एप्स पर बारीक काम करते समय, उंगलियों से सटीक क्लिक करना माउस या ट्रैकपैड जितना आसान नहीं होता।