FBI निदेशक काश पटेल का निजी ईमेल हैक: ईरानी हैकर ग्रुप ने उड़ाई नींद
दुनिया की सबसे खूंखार जांच एजेंसियों में गिनी जाने वाली FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) के निदेशक काश पटेल एक बड़े साइबर हमले का शिकार हो गए हैं। ईरान से जुड़े एक हैकर ग्रुप ने दावा किया है कि उसने काश पटेल के निजी ईमेल इनबॉक्स में सेंध लगा ली है। अपने दावे को सच साबित करने के लिए हैकर्स ने काश पटेल की कई निजी तस्वीरें और दस्तावेज इंटरनेट पर लीक कर दिए हैं। यह पूरी घटना साइबर सुरक्षा की दुनिया में एक गंभीर चेतावनी की तरह है।
क्या-क्या हुआ लीक?
हैकर ग्रुप ‘हंडाला’ ने अपनी वेबसाइट पर काश पटेल की कुछ पुरानी निजी तस्वीरें पोस्ट की हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक लिंक भी साझा किया है, जिसमें पटेल के निजी जीमेल अकाउंट से चुराई गई फाइलें मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सारा डेटा साल 2019 तक का बताया जा रहा है। इन फाइलों में व्यक्तिगत पत्राचार और कुछ संवेदनशील दस्तावेज शामिल हो सकते हैं, जिनकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या यह दावा सच है?
प्रारंभिक जांच में यह दावा काफी हद तक सच साबित हो रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग के एक अधिकारी ने इस हैकिंग की पुष्टि की है। जब ईमेल के मैसेज हेडर और डिजिटल सिग्नेचर की जांच की गई, तो यह स्पष्ट हो गया कि ये ईमेल बिल्कुल असली हैं और काश पटेल के ही अकाउंट से भेजे गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से कुछ ईमेल ऐसे हैं, जो पटेल ने साल 2014 में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) में काम करते हुए अपने सरकारी ईमेल से अपने निजी जीमेल पर भेजे थे। इन पुराने ईमेल्स की प्रामाणिकता की भी पुष्टि हो चुकी है।
अधिकारियों का क्या कहना है?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, न्याय विभाग के एक अधिकारी ने इस हैक के सच होने की पुष्टि की है। हालांकि, FBI और खुद काश पटेल की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह चुप्पी इस घटना की गंभीरता को और बढ़ा रही है, क्योंकि दुनिया की सबसे शक्तिशाली एजेंसी के प्रमुख का निजी डेटा सार्वजनिक होना एक बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है।
कौन है यह हैकिंग ग्रुप ‘हंडाला’?
‘हंडाला’ एक ऐसा हैकिंग ग्रुप है जिसे अमेरिकी सरकार सीधे तौर पर ईरान की खुफिया एजेंसी (MOIS) से जुड़ा मानती है। पिछले कुछ समय में, खासकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद, इस ग्रुप ने अपने साइबर हमलों की रफ्तार काफी तेज कर दी है। इस ग्रुप का रिकॉर्ड काफी खतरनाक रहा है।
- इससे पहले हंडाला ने मेडिकल टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी ‘स्ट्राइकर’ पर बड़ा हमला कर उनके हजारों डिवाइसेस का डेटा पूरी तरह उड़ा दिया था।
- यह ग्रुप इजरायली रक्षा बलों (IDF) से जुड़ी निजी जानकारियां भी सार्वजनिक कर चुका है।
- इसने अमेरिकी और इजरायली सरकारों के कई अधिकारियों को निशाना बनाया है।
एक शीर्ष अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी का निजी ईमेल अकाउंट हैक होना न केवल एक गंभीर घटना है, बल्कि यह अमेरिका की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे राज्य प्रायोजित हैकर समूह उच्च पदस्थ अधिकारियों को भी निशाना बना सकते हैं और उनकी व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं। इस पूरे मामले की जांच जारी है, और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में और अधिक जानकारी सामने आएगी।