न्यू मैक्सिको कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: मेटा पर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का आरोप तय
अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक अदालत ने टेक दिग्गज मेटा को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने और अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण के खतरों को छिपाने का दोषी ठहराया है। करीब सात सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद जूरी ने यह फैसला सुनाया, जिसे टेक कंपनियों के खिलाफ बढ़ती कानूनी कार्रवाई की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
जुर्माने की राशि और कोर्ट का रुख
जूरी ने राज्य के अभियोजकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि मेटा ने बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता दी। अदालत ने पाया कि कंपनी ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और यौन शोषण के खतरों को लेकर जनता को गुमराह किया। इसके अलावा, अनुचित व्यापारिक तरीकों का इस्तेमाल करने का भी आरोप साबित हुआ। जूरी ने हजारों उल्लंघनों को मानते हुए मेटा पर 375 मिलियन डॉलर यानी करीब 3100 करोड़ भारतीय रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, यह राशि अभियोजन पक्ष की मूल मांग से काफी कम है। उल्लेखनीय है कि मेटा का बाजार मूल्य लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर है और फैसले के बाद उसके शेयरों में करीब 5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
मुकदमे की मुख्य बातें और सबूत
मुकदमे की कार्यवाही के दौरान जूरी के सामने कई अहम सबूत पेश किए गए। इनमें मेटा के आंतरिक दस्तावेज, कंपनी के अधिकारियों की गवाही, व्हिसलब्लोअर के बयान और तकनीकी विशेषज्ञों की राय शामिल थी। जांच में यह भी सामने आया कि अंडरकवर एजेंटों ने बच्चों के रूप में सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर यौन शोषण से जुड़े मामलों और मेटा की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया। जूरी ने यह भी जांचा कि कंपनी ने 13 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं पर प्रतिबंध लागू करने, किशोर आत्महत्या से जुड़े कंटेंट और एल्गोरिदम के जरिए हानिकारक सामग्री को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर क्या जानकारी साझा की।
मेटा की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया
मेटा के प्रवक्ता ने फैसले से असहमति जताते हुए कहा कि कंपनी इसके खिलाफ अपील करेगी। उन्होंने दावा किया कि मेटा अपने प्लेटफॉर्म पर लोगों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम करती है और हानिकारक कंटेंट को हटाने का प्रयास करती है। मेटा के वकीलों ने तर्क दिया कि कंपनी जोखिमों को उजागर करती है और हानिकारक सामग्री को हटाने का प्रयास करती है, हालांकि कुछ सामग्री सुरक्षा तंत्र से बच निकलती है। फिलहाल, मेटा को तुरंत अपने कामकाज में बदलाव करने के लिए बाध्य नहीं किया गया है। अब एक जज यह तय करेंगे कि क्या मेटा के प्लेटफॉर्म सार्वजनिक नुकसान का कारण बने और क्या कंपनी को इससे जुड़े नुकसान की भरपाई करनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई मई में होने वाली है।
कानूनी लड़ाई का संदर्भ
यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ बढ़ते कानूनी मामलों में से एक है। 2023 में न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज द्वारा दायर इस मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि मेटा ने सोशल मीडिया के खतरों और लत से जुड़े मुद्दों को पूरी तरह उजागर नहीं किया। यह फैसला टेक कंपनियों की जवाबदेही को लेकर एक बड़ा उदाहरण पेश करता है और भविष्य में इस तरह के और मामलों को जन्म दे सकता है।