सोरा एआई का अंत: छह महीने में क्यों बंद हुआ चर्चित वीडियो टूल?

ओपनएआई ने अपने लोकप्रिय एआई वीडियो-जनरेशन प्लेटफॉर्म सोरा को बंद करने का अचानक निर्णय लिया है। कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब अपने किसी भी उत्पाद, डेवलपर टूल या चैटजीपीटी में वीडियो निर्माण का समर्थन नहीं करेगी। यह एप्लिकेशन मात्र छह महीने पहले लॉन्च हुई थी। फिलहाल, कंपनी ने इसके बंद होने की कोई विशेष तारीख या कारण नहीं बताया है। सोरा के आधिकारिक अकाउंट ने एक संदेश में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे एप को अलविदा कह रहे हैं और जल्द ही एप तथा एपीआई को बंद करने की समय-सीमा साझा करेंगे।

डिज्नी बैठक के तुरंत बाद लिया गया फैसला

इस निर्णय का समय काफी चौंकाने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार, ओपनएआई ने डिज्नी के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के मात्र आधे घंटे बाद सोरा को बंद करने का फैसला किया। पिछले वर्ष डिज्नी ने ओपनएआई में एक अरब डॉलर के निवेश पर सहमति जताई थी। इस समझौते के तहत मार्वल और स्टार वार्स जैसे 200 से अधिक डिज्नी पात्रों को सोरा के वीडियो में उपयोग करने की योजना थी। ओपनएआई के इस अचानक कदम से डिज्नी हैरान रह गया। हालांकि इस सौदे में अभी तक कोई वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ था, लेकिन डिज्नी के एक प्रवक्ता ने इस फैसले को बड़ा धोखा बताया है।

सोरा के बंद होने के प्रमुख कारण

सोरा को जल्दी बंद करने के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं। सबसे महत्वपूर्ण कारण इसके संचालन में लगने वाली भारी कंप्यूटिंग शक्ति है। इस वीडियो टूल को चलाने के लिए अत्यधिक सर्वर और बिजली की खपत हो रही थी, जिसे ओपनएआई अब अपने अधिक आवश्यक उत्पादकता उपकरणों में लगाना चाहता है। इसके अलावा, एंटरप्राइज बाजार में प्रतिद्वंद्वी कंपनी एंथ्रोपिक से बढ़ती चुनौती के कारण ओपनएआई वर्तमान में आपातकालीन मोड में काम कर रहा है।

आर्थिक रूप से भी कंपनी भारी दबाव में है। अनुमान है कि इस वर्ष ओपनएआई को 14 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि कंपनी नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 17.5 प्रतिशत तक के गारंटीड रिटर्न का प्रस्ताव दे रही है। उल्लेखनीय है कि एंथ्रोपिक अपने निवेशकों को ऐसा कोई रिटर्न नहीं देती। इन सबके बीच, सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व वाली यह कंपनी इस वर्ष के अंत तक अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए उन्हें गैर-जरूरी परियोजनाओं को बंद करके लाभदायक व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करना पड़ रहा है।

शिखर से पतन तक का सफर

जब सोरा को पहली बार केवल निमंत्रण-आधारित सोशल नेटवर्क के रूप में पेश किया गया था, तो उपयोगकर्ताओं में भारी उत्साह था। लेकिन मेटा के वर्चुअल रियलिटी प्लेटफॉर्म होराइजन वर्ल्ड्स की तरह, सोरा भी लोगों को लंबे समय तक बांधे नहीं रख सका। हालांकि इसके पीछे काम करने वाला सोरा 2 मॉडल बेहद उन्नत था, लेकिन केवल एआई द्वारा बनाए गए वीडियो वाले सोशल फीड में उपयोगकर्ताओं की रुचि जल्दी खत्म हो गई।

डीपफेक का केंद्र बन गया था एप्लिकेशन

टिकटॉक जैसे वर्टिकल वीडियो फीड के साथ डिजाइन किए गए सोरा एप में एक विशेष फीचर था। इसे शुरुआत में कैमियो नाम दिया गया था। इस फीचर की मदद से उपयोगकर्ता अपना चेहरा स्कैन करके बिल्कुल असली दिखने वाले डीपफेक बना सकते थे। हालांकि, कैमियो नामक एक अन्य कंपनी द्वारा ट्रेडमार्क मुकदमा दायर करने के बाद, ओपनएआई को इसका नाम बदलकर कैरेक्टर्स करना पड़ा। यही फीचर एप्लिकेशन के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया। लॉन्च के समय से ही यह एप अजीब और डरावने डीपफेक वीडियो का केंद्र बन गया था। हालात यहां तक पहुंच गए कि उपयोगकर्ताओं ने ओपनएआई के अपने सीईओ सैम ऑल्टमैन के भी कई अजीबोगरीब डीपफेक वीडियो बनाकर एप पर डाल दिए।

जीपीयू पर भारी दबाव

ओपनएआई ने 2024 की शुरुआत में सोरा को एक शानदार टेक्स्ट-टू-वीडियो टूल के रूप में पेश किया था, जिसकी खासियत फिल्मों जैसी उच्च गुणवत्ता वाली क्लिप बनाना था। सितंबर 2025 में जब इसे सार्वजनिक किया गया तो यह रातों-रात लोकप्रिय हो गया। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोरा के प्रमुख बिल पीबल्स ने स्वीकार किया था कि लोगों ने इसका इतना अधिक उपयोग किया कि भारी ट्रैफिक के कारण कंपनी के सर्वर और महंगे जीपीयू पर दबाव बढ़ गया था। इस स्थिति को संभालने और सिस्टम को क्रैश होने से बचाने के लिए कंपनी को इसके उपयोग पर सीमाएं लगानी पड़ीं।

सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल

ओपनएआई ने एप में नियम बनाया था कि बिना अनुमति के मशहूर हस्तियों के वीडियो नहीं बनाए जा सकते, लेकिन उपयोगकर्ताओं ने इस सुरक्षा को आसानी से तोड़ दिया। एप पर मार्टिन लूथर किंग जूनियर और हॉलीवुड अभिनेता रॉबिन विलियम्स जैसी दिग्गज हस्तियों के डीपफेक वीडियो बनाए जाने लगे। यह विवाद इतना बढ़ गया कि इन दोनों की बेटियों को इंस्टाग्राम पर आकर लोगों से अपील करनी पड़ी कि वे उनके दिवंगत पिताओं के ऐसे वीडियो न बनाएं। इंसानों के अलावा, मारियो, नारुतो और पिकाचू जैसे कॉपीराइट वाले लोकप्रिय पात्रों के भी अजीब और आपत्तिजनक वीडियो एप पर वायरल हुए, जिसने ओपनएआई के दावों को झूठा साबित कर दिया।

डिज्नी का अरब डॉलर का सौदा भी रद्द

कॉपीराइट उल्लंघन के बावजूद, डिज्नी जैसी कंपनी ने ओपनएआई पर मुकदमा करने के बजाय उसमें एक अरब डॉलर का निवेश करने का फैसला किया था। एक समझौता हुआ था जिसके तहत सोरा पर डिज्नी, मार्वल, पिक्सर और स्टार वार्स के पात्रों के वीडियो बनाए जा सकते थे। लेकिन अब एप के बंद होने से यह सौदा भी खत्म हो गया है, हालांकि अभी तक कोई वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ था।

डाउनलोड और कमाई में भारी गिरावट

सोरा के अचानक बंद होने का एक बड़ा कारण इसके डाउनलोड और कमाई में आई भारी गिरावट भी है। आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में इस एप ने अपना शिखर देखा था, जब एपल और गूगल प्ले स्टोर को मिलाकर इसे लगभग 33 लाख बार डाउनलोड किया गया था। लेकिन फरवरी तक यह संख्या गिरकर मात्र 11 लाख रह गई। अगर इसकी तुलना ओपनएआई के चैटजीपीटी से करें, जिसके हर हफ्ते 900 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, तो सोरा के आंकड़े बेहद निराशाजनक थे। कमाई की बात करें तो एप ने इन-एप खरीदारी के माध्यम से केवल 21 लाख डॉलर कमाए। ऐसे में, पहले से भारी घाटे का सामना कर रही ओपनएआई के लिए एक ऐसे एप को चलाना जो विकास नहीं कर रहा था, एक बड़ी समस्या बन गया था।

खतरा अभी टला नहीं

एप के बंद होने का मतलब यह नहीं है कि डीपफेक का खतरा खत्म हो गया है। सोरा 2 मॉडल अभी भी मौजूद है, बस इसे चैटजीपीटी के भुगतान वाले संस्करण के पीछे कर दिया गया है। यह तकनीक अब बहुत आसान हो चुकी है। यह केवल समय की बात है जब बाजार में कोई नया एआई वीडियो एप आएगा और हम फिर से ऐसे ही असली दिखने वाले लेकिन भ्रामक डीपफेक वीडियो की बाढ़ देखेंगे।

ओपनएआई की आगे की योजना

सोरा जैसी वीडियो जनरेशन परियोजना को बंद करने के बाद, ओपनएआई अब अपना पूरा ध्यान कुछ नई और बड़ी परियोजनाओं पर केंद्रित कर रहा है। कंपनी एक सुपर एप पर काम कर रही है, जिसमें चैटजीपीटी, कोडेक्स और उनके एआई ब्राउजर एटलस को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ दिया जाएगा। इस एक एप के आने से आम उपयोगकर्ताओं और कंपनियों दोनों को सुविधा होगी। इसके साथ ही, ओपनएआई एजेंटिक एआई सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दे रहा है। ये ऐसे उन्नत सिस्टम होंगे जो खुद से निर्णय लेने और कई प्रकार के कार्य अपने आप पूरे करने में सक्षम होंगे। इस दृष्टि को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए, कंपनी ने हाल ही में लोकप्रिय ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म ओपनक्लॉ के निर्माता पीटर स्टेनबर्गर को भी अपनी टीम में शामिल कर लिया है।