तेल संकट के बीच टेक कंपनियों ने कसी ऊर्जा बचत की कमर

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा संकट मंडराने लगा है। इस चुनौती से निपटने के लिए अब निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी मोर्चा संभाल रही हैं। दक्षिण कोरिया की प्रमुख टेक दिग्गज सैमसंग, एसके ग्रुप और लोटे ग्रुप जैसे उद्योग घरानों ने अपने कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए ऊर्जा संरक्षण के सख्त नियम लागू कर दिए हैं। ये उपाय निजी वाहनों के इस्तेमाल पर रोक से लेकर एयर कंडीशनर के तापमान को नियंत्रित करने तक फैले हुए हैं।

सैमसंग का दस दिवसीय वाहन प्रतिबंध नियम

सैमसंग ने अपने सभी घरेलू कार्यालयों में एक अनोखी वाहन प्रतिबंध प्रणाली लागू की है। इस प्रणाली के तहत, महीने के दस दिन ऐसे होंगे जब कर्मचारी अपनी निजी कारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। नियम यह है कि जिस दिन तारीख का अंतिम अंक और गाड़ी के नंबर प्लेट का आखिरी अंक एक समान होगा, उस दिन वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, कंपनी ने कुछ विशेष श्रेणियों को इस नियम से छूट दी है। इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों के परिवहन से जुड़ी गाड़ियां इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगी।

एसके और लोटे ग्रुप ने अपनाई पांच दिवसीय रोटेशन प्रणाली

सैमसंग के अलावा, एसके ग्रुप और लोटे ग्रुप ने भी ईंधन बचाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इन दोनों कंपनियों ने पांच दिनों के वाहन रोटेशन सिस्टम को लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या को कम करना और इस प्रकार पेट्रोल-डीजल की खपत में कटौती करना है। यह कदम न केवल ईंधन बचाएगा, बल्कि यातायात के दबाव को भी कम करने में सहायक होगा।

कार्यालयों में ऊर्जा बचत के सख्त निर्देश

वाहनों पर नियंत्रण के साथ-साथ कंपनियों ने अपने कार्यालय परिसरों में भी ऊर्जा बचत के कई उपाय लागू किए हैं। कर्मचारियों के लिए लंच ब्रेक और कार्य दिवस समाप्त होने के बाद सभी लाइट्स बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। एयर कंडीशनर के उपयोग पर भी सख्ती बरती जा रही है। कूलिंग के लिए एसी का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रखने का निर्देश दिया गया है, जबकि हीटिंग की स्थिति में तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं जाना चाहिए।

बिजली की खपत को और कम करने के लिए कम मंजिलों पर लिफ्ट के उपयोग को सीमित किया जा रहा है। कई स्थानों पर फ्लोर-स्किपिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें लिफ्ट हर मंजिल पर नहीं रुकती। इससे अनावश्यक रुकने और चलने में होने वाली ऊर्जा बर्बादी को रोका जा सकेगा।

लोटे ग्रुप का विशेष ऊर्जा संरक्षण अभियान

लोटे ग्रुप ने ऊर्जा बचाने के लिए एक समर्पित अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत कर्मचारियों को बिजली की खपत घटाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें स्टैंडबाय पावर को कम करना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यात्रा कम करना और ऊर्जा-कुशल उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने लचीले कार्य घंटों को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है। इससे कर्मचारियों के आने-जाने का समय बंट जाएगा, जिससे ट्रैफिक कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।

सरकारी स्तर पर भी जागरूकता

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने भी इस ऊर्जा संकट पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति अनिश्चित हो गई है। उन्होंने सरकारी संस्थानों से ऊर्जा बचत के इन उपायों को अपनाने की अपील की है। साथ ही, आम नागरिकों से भी सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ाने और अपनी दैनिक दिनचर्या में ऊर्जा संरक्षण को शामिल करने का अनुरोध किया गया है।