टेलीकॉम सेक्टर में बड़े बदलाव के संकेत, BSNL-Vi के बीच हो सकता है मर्जर
भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में एक बार फिर से बड़े बदलाव की संभावनाएं देखने को मिल रही हैं। सरकारी कंपनी बीएसएनएल और निजी ऑपरेटर वोडाफोन-आइडिया (Vi) के बीच स्पेक्ट्रम और नेटवर्क साझेदारी को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। अगर यह मर्जर होता है, तो दोनों कंपनियों के ग्राहकों को बेहतर कवरेज और उन्नत सेवाओं का लाभ मिल सकता है।
बातचीत की शुरुआत क्यों हुई?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने इस संभावित मर्जर की जानकारी संसदीय समिति को दी है। दोनों कंपनियां इन दिनों लगातार घटते यूजर बेस और बढ़ती प्रतिस्पर्धा से जूझ रही हैं। फिलहाल भारतीय टेलीकॉम बाजार में भारती एयरटेल और रिलायंस जियो का दबदबा है। एयरटेल के पास 43 करोड़ से अधिक और जियो के पास 48 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। वहीं, Vi और BSNL के संयुक्त यूजर्स की संख्या भी इन दोनों दिग्गजों से कम है।
संसदीय समिति ने क्या कहा?
लोकसभा की वेबसाइट पर 16 मार्च को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार सचिव नीरज मित्तल ने पुष्टि की है कि दोनों कंपनियों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है। हालांकि, यह मर्जर होगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला बातचीत पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति ने दूरसंचार विभाग को निर्देश दिया है कि दोनों कंपनियों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग को लेकर निर्णय प्रक्रिया में सहयोग किया जाए।
पहले भी हो चुके हैं बड़े बदलाव
साल 2016 में रिलायंस जियो के लॉन्च के बाद टेलीकॉम सेक्टर में भारी बदलाव देखने को मिला था। कई कंपनियां बाजार से बाहर हो गईं। इसी दौरान वोडाफोन और आइडिया का विलय हुआ, जिसके बाद Vi देश का सबसे बड़ा ऑपरेटर बना था। लेकिन कुछ समय बाद ही रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने इसे पीछे छोड़ दिया।
5G और नेटवर्क विस्तार की मौजूदा स्थिति
Vi पर AGR बकाया का दबाव बना रहा, जिसके चलते नेटवर्क विस्तार प्रभावित हुआ। कंपनी ने 5G स्पेक्ट्रम खरीदने के बावजूद इसे रोलआउट करने में करीब तीन साल का समय लिया। हाल ही में वोडाफोन आइडिया ने देश में 5G सेवा शुरू की है और फिलहाल चुनिंदा सर्किल में इसका विस्तार कर रही है।
दूसरी ओर, BSNL ने पिछले साल देशभर में 4G सेवा शुरू की और अब 5G लॉन्च की तैयारी में है। केंद्रीय संचार मंत्री भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं कि BSNL की 5G सर्विस पर काम जारी है। BSNL का नेटवर्क पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और 5G के लिए तैयार माना जा रहा है, इसलिए इसके रोलआउट में ज्यादा देरी नहीं होने की उम्मीद है।
यूजर्स पर क्या होगा असर?
अगर BSNL और Vi के बीच मर्जर या साझेदारी होती है, तो यह टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को नया रूप दे सकता है। इससे यूजर्स को बेहतर नेटवर्क, तेज इंटरनेट और मजबूत ब्रॉडबैंड सेवाएं मिलने की संभावना है। दोनों कंपनियों के संसाधनों के एकीकरण से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।