गूगल की चेतावनी: ‘डार्कस्वोर्ड’ मैलवेयर से आईफोन यूजर्स को खतरा, ऐसे चुराया जा रहा डेटा

गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप (GTIG) ने एक नए और अत्यधिक खतरनाक मैलवेयर की पहचान की है, जो विशेष रूप से आईफोन यूजर्स को निशाना बना रहा है। ‘डार्कस्वोर्ड’ नाम का यह मैलवेयर इतना उन्नत है कि यह केवल एक संक्रमित वेबसाइट पर जाने मात्र से आपके डिवाइस में सेंध लगा सकता है। इसके बाद यह बिना किसी अनुमति या चेतावनी के आपका निजी डेटा, चैट और क्रिप्टोकरेंसी जानकारी चुराने लगता है। आइए जानते हैं इस साइलेंट हमले का तरीका और बचाव के उपाय।

कैसे काम करता है डार्कस्वोर्ड मैलवेयर?

डार्कस्वोर्ड का संचालन तंत्र बेहद सरल लेकिन घातक है। जब कोई यूजर अपने आईफोन पर किसी असुरक्षित या हैक की गई वेबसाइट को खोलता है, तो पेज लोड होते ही यह स्पाईवेयर बैकग्राउंड में सक्रिय हो जाता है। सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह मैलवेयर किसी भी प्रकार का नोटिफिकेशन या वॉर्निंग नहीं देता। यह चुपचाप और तेजी से डेटा चुराने का काम करता है, जिससे यूजर को अपने फोन के हैक होने का पता ही नहीं चलता।

हमले के पीछे कौन है?

गूगल और साइबर सुरक्षा एजेंसियों के शोध के अनुसार, इस मैलवेयर की उत्पत्ति यूक्रेन से जुड़ी हुई है। UNC6353 नामक एक हैकर समूह को इस हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इन हैकर्स का उद्देश्य आपके फोन में लंबे समय तक बने रहना नहीं है, बल्कि जल्दी से जल्दी संवेदनशील डेटा चुराकर अपने सभी निशान मिटा देना है।

कौन से आईफोन सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं?

गूगल की रिपोर्ट के अनुसार, यह मैलवेयर एपल के पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाता है। विशेष रूप से, आईओएस 18.4 से लेकर आईओएस 18.7 तक के वर्जन पर चलने वाले आईफोन इस हमले के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। इसलिए, जिन यूजर्स ने अपने डिवाइस को अपडेट नहीं किया है, उन्हें तुरंत सावधानी बरतने की जरूरत है।

हैकर्स क्या-क्या चुरा सकते हैं?

डार्कस्वोर्ड मैलवेयर आपके फोन में घुसकर कई प्रकार की संवेदनशील जानकारियां चुरा सकता है:

  • सहेजे गए पासवर्ड और लॉगिन क्रेडेंशियल्स: यह आपके ब्राउज़र और ऐप्स में सेव पासवर्ड तक पहुंच बना लेता है।
  • गैलरी और मीडिया फाइलें: आपकी फोटो, वीडियो और अन्य निजी फाइलें चुराई जा सकती हैं।
  • ब्राउज़र हिस्ट्री: आपकी इंटरनेट ब्राउजिंग गतिविधियों की पूरी जानकारी हैकर्स तक पहुंच जाती है।
  • प्राइवेट चैट और मैसेज: व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के आपके निजी संवाद भी सुरक्षित नहीं रहते।
  • क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट की डिटेल्स: कई मामलों में यह मैलवेयर आपके डिजिटल वॉलेट की जानकारी चुराकर भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने में सक्षम है।

डार्कस्वोर्ड इतना खतरनाक क्यों है?

गूगल के विश्लेषण के अनुसार, यह मैलवेयर ‘कोरोना एक्सप्लॉइट किट’ नामक पुराने टूलकिट से प्रेरित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ‘फाइललेस मेथड’ है, यानी यह आपके फोन में कोई नई एप या फाइल डाउनलोड नहीं करता। इसके बजाय, यह आपके डिवाइस में पहले से मौजूद टूल्स और सुविधाओं का इस्तेमाल करके डेटा चुराता है और फिर अपने सभी निशान खुद मिटा देता है। इस तरह का हमला इतना साफ-सुथरा होता है कि फोन को रीस्टार्ट करने या सामान्य स्कैन से इसका पता लगाना लगभग असंभव हो जाता है।

खुद को सुरक्षित रखने के उपाय

इस खतरनाक मैलवेयर से बचने के लिए निम्नलिखित कदम उठाना जरूरी है:

  • तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट करें: अपने आईफोन की सेटिंग्स में जाकर जांच करें कि कोई नया आईओएस अपडेट उपलब्ध है या नहीं। यदि हां, तो तुरंत अपने डिवाइस को नवीनतम वर्जन पर अपडेट कर लें।
  • लॉकडाउन मोड चालू करें: अगर किसी कारणवश आप फिलहाल अपना फोन अपडेट नहीं कर पा रहे हैं, तो सिक्योरिटी सेटिंग्स में जाकर ‘लॉकडाउन मोड’ को ऑन करें। यह मोड आपके फोन की सुरक्षा को काफी हद तक बढ़ा देता है और अनजान वेबसाइटों से होने वाले हमलों को रोकने में मदद करता है।
  • सावधानी से ब्राउज करें: इंटरनेट ब्राउजिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध या अनजान वेबसाइट के लिंक पर क्लिक करने से बचें। केवल विश्वसनीय और सुरक्षित स्रोतों से ही वेबसाइट विजिट करें।
  • अनावश्यक अनुमतियां न दें: किसी भी वेबसाइट या ऐप को अपने फोन की संवेदनशील जानकारी जैसे कैमरा, माइक्रोफोन या फाइलों तक पहुंचने की अनुमति देने से पहले दो बार सोचें।