साइबर फ्रॉड: बॉम्बे हाई कोर्ट की जज से छह लाख की ठगी, रिवॉर्ड पॉइंट्स के झांसे में आईं; जानिए बचाव के तरीके
डिजिटल युग में एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी मुसीबत बन सकती है, इसका ताजा उदाहरण मुंबई से सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की एक वर्तमान न्यायाधीश साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गईं। जालसाजों ने रिवॉर्ड पॉइंट्स भुनाने के बहाने उनके बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। घटना का पता चलने पर साइबर क्राइम शाखा में शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैसे हुआ पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, न्यायाधीश 28 फरवरी को अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स को भुनाना चाहती थीं। जब बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क नहीं हो सका, तो उन्होंने इंटरनेट पर कोई अन्य नंबर खोजा। यह नंबर बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग का प्रतीत हो रहा था, इसलिए उन्होंने उस पर कॉल कर दिया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और मदद का आश्वासन दिया।
व्हाट्सएप के जरिए भेजी गई संदिग्ध फाइल
कॉलर ने न्यायाधीश को व्हाट्सएप पर करीब 18 एमबी की एक फाइल भेजी और कहा कि रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने के लिए इसे भरना अनिवार्य है। हालांकि, यह फाइल उनके आईफोन पर नहीं खुल पाई। इसके बाद स्कैमर ने उन्हें इसे किसी एंड्रॉइड फोन में खोलने की सलाह दी। जैसे ही उन्होंने फाइल डाउनलोड की और उसमें क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भरी, कुछ ही मिनटों में उनके कार्ड से कई लेन-देन हो गए।
सेकंडों में उड़ गए लाखों रुपये
फॉर्म भरने के बाद न्यायाधीश को ईमेल अलर्ट मिलने लगे कि उनके क्रेडिट कार्ड से कई ऑनलाइन लेन-देन किए गए हैं। कुल मिलाकर लगभग 6.02 लाख रुपये की राशि कार्ड से निकल गई। धोखाधड़ी का पता चलते ही उन्होंने तुरंत कार्ड ब्लॉक कर दिया।
शिकायत दर्ज और जांच शुरू
ठगी की जानकारी होने पर मामले की जांच शुरू हो गई। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और साइबर क्राइम हेल्पलाइन को सूचना दी गई। इसके अलावा मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस अब इस पूरे साइबर फ्रॉड की जांच कर रही है।
कैसे काम करता है रिवॉर्ड पॉइंट्स स्कैम?
- फर्जी हेल्पलाइन: स्कैमर गूगल मैप्स या विज्ञापनों में बैंक के नकली नंबर डाल देते हैं, जो असली लगते हैं।
- खतरनाक फाइल या एप: ये लोग अक्सर रिवॉर्ड रिडेम्पशन फॉर्म के नाम पर एपीके फाइल भेजते हैं, जो वास्तव में आपके फोन की जासूसी करने वाला एप होता है।
- जल्दबाजी का दबाव: पॉइंट्स आज एक्सपायर हो जाएंगे जैसा डर दिखाकर आपको जल्दबाजी में निर्णय लेने पर मजबूर किया जाता है, जिससे आप किसी भी लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
- आधिकारिक एप ही चुनें: रिवॉर्ड पॉइंट्स केवल बैंक के आधिकारिक मोबाइल एप या वेबसाइट से ही रिडीम करें।
- गूगल सर्च पर भरोसा न करें: किसी भी बैंक का संपर्क नंबर हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट या कार्ड के पीछे दिए गए नंबर से ही लें।
- अज्ञात फाइलें न खोलें: व्हाट्सएप पर मिली किसी भी अनजान लिंक या एप फाइल को डाउनलोड न करें।
- सिम स्विच न करें: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कभी भी अपनी सिम किसी दूसरे फोन में न डालें, क्योंकि इससे आपके ओटीपी तक पहुंच खतरे में पड़ सकती है।
अगर आपके साथ फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?
ठगी का एहसास होते ही सबसे पहले अपना कार्ड ब्लॉक करें और तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।