जेनेरेटिव एआई ऐप डाउनलोड में भारत अव्वल, लेकिन कमाई का गणित कमजोर

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तार तेजी से हो रहा है। साल 2025 में जेनेरेटिव एआई ऐप डाउनलोड के मामले में भारत ने दुनिया में पहला स्थान हासिल कर लिया है। मार्केट रिसर्च फर्म सेंसर टावर के अनुसार, इस दौरान भारत में ऐसे ऐप के डाउनलोड में 207 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। दुनिया भर में होने वाले कुल डाउनलोड का लगभग 20 फीसदी हिस्सा अकेले भारत से आया। इसका मतलब यह है कि हर पांच में से एक जेनेरेटिव एआई ऐप भारत में इंस्टॉल किया गया। इस मामले में भारत ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है।

डाउनलोड का आंकड़ा बड़ा, लेकिन राजस्व में हिस्सेदारी नगण्य

डाउनलोड के बढ़ते आंकड़ों के बावजूद, एआई कंपनियों के लिए भारत से राजस्व कमाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में जेनेरेटिव एआई ऐप की कुल इन-ऐप खरीदारी में भारत की हिस्सेदारी मात्र एक फीसदी के आसपास रही। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय उपयोगकर्ता ऐप डाउनलोड तो बड़ी संख्या में कर रहे हैं, लेकिन पैसे खर्च करने में पीछे हैं।

डाउनलोड और कमाई के बीच यह अंतर साफ दिखता है। नवंबर 2025 में इन-ऐप खरीदारी में 22 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि दिसंबर में यह गिरावट 18 फीसदी रही। यह प्रवृत्ति बताती है कि बड़ी उपयोगकर्ता संख्या को स्थायी राजस्व में बदलना कंपनियों के लिए अभी भी मुश्किल है।

फ्री ऑफर और ट्रायल मॉडल बने डाउनलोड की वजह

भारत में डाउनलोड की रफ्तार बढ़ने का सबसे बड़ा कारण कंपनियों के फ्री ऑफर और ट्रायल मॉडल रहे। कई बड़े एआई प्लेटफॉर्म ने भारतीय बाजार में मुफ्त एक्सेस देकर उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया। इन प्लेटफॉर्म में शामिल हैं:

  • डीपसीक
  • ग्रोक
  • मेटा एआई
  • गूगल (एक साल का मुफ्त एआई प्रो प्लान)
  • परप्लेक्सिटी एआई (एयरटेल के साथ मुफ्त प्रो प्लान)
  • ओपनएआई (सीमित समय के लिए चैटजीपीटी गो मुफ्त)

इन मुफ्त ऑफर का सीधा असर कंपनियों की कमाई पर पड़ा। उदाहरण के तौर पर, नवंबर में चैटजीपीटी गो के मुफ्त एक्सेस की शुरुआत के बाद भारत में चैटजीपीटी से होने वाली कमाई में 33 फीसदी की गिरावट आई। दिसंबर में यह गिरावट 32 फीसदी रही। हालांकि, इसके बावजूद ओपनएआई का दबदबा बना रहा। भारत में जेनेरेटिव एआई ऐप की कुल इन-ऐप कमाई का 60 फीसदी से अधिक हिस्सा ओपनएआई के पास रहा।

भारत में एआई उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या

भारत में एआई के प्रति रुझान लगातार बढ़ रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत में चैटजीपीटी के साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 10 करोड़ से अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय उपयोगकर्ता नई तकनीक को अपनाने के लिए तैयार हैं। एआई ऐप और चैटबॉट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसका आर्थिक लाभ कंपनियों तक पहुंचने में समय लग सकता है।

कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती

भारत जेनेरेटिव एआई ऐप डाउनलोड के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है और डाउनलोड का आंकड़ा लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। लेकिन कमाई का आंकड़ा अभी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं है। कंपनियों के सामने अब यह चुनौती है कि वे फ्री मॉडल से आगे बढ़कर इस बड़े उपयोगकर्ता आधार को स्थायी और लाभदायक राजस्व में कैसे बदलें। भारतीय बाजार में मुफ्त सेवाओं की आदत को तोड़ना और उपयोगकर्ताओं को सशुल्क सेवाओं के लिए राजी करना कंपनियों की अगली बड़ी परीक्षा होगी।