भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल का बयान: एआई से स्वास्थ्य, शिक्षा और शोध में क्रांति

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में तकनीक और उद्योग जगत के दिग्गज एकत्र हुए हैं। इस सम्मेलन में भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई अब केवल एक तकनीकी चलन नहीं रह गया है, बल्कि यह उद्योगों की मूलभूत आवश्यकता बन चुका है।

हेल्थकेयर और शिक्षा में बड़ा बदलाव

सुनील मित्तल ने कहा कि आने वाले समय में एआई स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, चिकित्सा विज्ञान और गहन शोध जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा। उनके अनुसार, यह तकनीक न केवल कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि नई खोजों को भी गति देगी। एआई की मदद से लोगों तक सेवाएं अधिक सुलभ और प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेंगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह तकनीकी बदलाव उद्योगों के काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल देगा।

कंपनियों के कामकाज पर प्रभाव

मित्तल ने बताया कि एआई के कारण कंपनियों की कार्यप्रणाली और ग्राहकों को सेवाएं देने का तरीका तेजी से बदल रहा है। खासकर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में इसका सबसे अधिक लाभ देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से काम करने की दक्षता बढ़ेगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

भारती समूह में एआई का उपयोग

भारती ग्रुप के चेयरमैन ने यह भी खुलासा किया कि उनका समूह पहले से ही एआई को अपने संचालन का अभिन्न हिस्सा बना चुका है। कंपनी ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने, नेटवर्क क्षमता को मजबूत करने और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एआई का उपयोग कर रही है। इस तकनीक की सहायता से सेवा की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है और कंपनी के आंतरिक कामकाज में तेजी आई है।

समिट की मुख्य विशेषताएं

इस सम्मेलन में 300 से अधिक प्रदर्शनी मंडप स्थापित किए गए हैं, जहां लोग, धरती और विकास जैसे तीन प्रमुख विषयों पर लाइव प्रदर्शन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में 600 से अधिक नए स्टार्टअप भाग ले रहे हैं, जो ऐसे समाधान पेश कर रहे हैं जिन्हें वास्तविक दुनिया में लागू किया जा चुका है। सम्मेलन के दौरान 500 से अधिक सत्र आयोजित होंगे, जिनमें 3,250 से अधिक विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई का लाभ दुनिया के हर नागरिक तक पहुंचे।