एआई समिट में बिल गेट्स की भागीदारी पर उलझन: गेट्स फाउंडेशन का स्पष्टीकरण और विवाद की जड़

नई दिल्ली में 16 फरवरी से आयोजित विश्व के सबसे बड़े एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स की उपस्थिति को लेकर भारी असमंजस बना हुआ है। सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट पर गेट्स का नाम प्रमुख वक्ताओं की सूची में शामिल था, लेकिन मंगलवार सुबह अचानक उनका नाम हटा दिए जाने के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।

नाम हटने के बाद बढ़ी अटकलें

सम्मेलन की वेबसाइट से बिल गेट्स का नाम हटाए जाने के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया। सरकारी सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसियों ने बताया कि गेट्स सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन गलियारों में चर्चा थी कि हाल ही में सार्वजनिक हुई ‘जेफ्री एपस्टीन फाइल्स’ के कारण कुछ असहजता की स्थिति पैदा हुई है।

गेट्स फाउंडेशन का स्पष्ट बयान

इन अटकलों के बीच गेट्स फाउंडेशन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए एक बयान जारी किया। फाउंडेशन के प्रवक्ता ने कहा कि बिल गेट्स एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल हो रहे हैं और वे अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 फरवरी को अपना मुख्य भाषण देंगे। कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें 19 फरवरी को सुबह 11:50 बजे 12 मिनट का समय आवंटित किया गया है।

फाउंडेशन ने मंगलवार, 17 फरवरी को एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भी बिल गेट्स के आने की पुष्टि की थी। पोस्ट में कहा गया था कि वे सम्मेलन में शामिल होंगे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना मुख्य भाषण देंगे। फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि उनकी भागीदारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी ने बढ़ाई उलझन

सम्मेलन का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिल गेट्स के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधा जवाब देने के बजाय इसे ‘व्यक्तिगत पसंद’ बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें याद नहीं है कि कौन आ रहा है और कौन नहीं, और यह लोगों की निजी पसंद है, जिस पर टिप्पणी करने की उन्हें कोई आवश्यकता नहीं है।

वहीं, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग के न आने पर उन्होंने स्पष्टता दिखाई। वैष्णव ने बताया कि हुआंग कुछ अनिवार्य कारणों से नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने अपनी जगह कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को भेजा है।

विवाद की जड़: एपस्टीन फाइल्स

चर्चा है कि बिल गेट्स का नाम जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में आने के कारण सरकारी हलकों में थोड़ी हिचकिचाहट है। हालांकि, गेट्स पर किसी गलत काम का आरोप नहीं लगा है, लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी रिकॉर्ड्स में कुछ पुराने दावों का जिक्र है। गेट्स के प्रवक्ता पहले ही इन दावों को पूरी तरह बेतुका करार दे चुके हैं।

गेट्स फिलहाल आंध्र प्रदेश के दौरे पर

विवादों से दूर बिल गेट्स सोमवार को ही भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत विजयवाड़ा से की, जहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की स्वास्थ्य और तकनीक से जुड़ी पहलों की सराहना की।

एआई समिट में 100 से अधिक देशों की भागीदारी

एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन 16 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा सहित 15-20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से अधिक मंत्री शामिल होंगे।

भारत मंडपम के 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में ‘एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 300 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। यहां दर्शक लाइव डेमो के माध्यम से देख सकेंगे कि एआई वास्तविक जीवन में कैसे काम करता है। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद 17 फरवरी से यह एक्सपो आम लोगों के लिए खोल दिया गया है।