नेटवेब का बड़ा कदम: भारत में तैयार हुआ शक्तिशाली एआई सुपरकंप्यूटर
भारत की अग्रणी हाई-एंड कंप्यूटिंग कंपनी नेटवेब टेक्नोलॉजीज ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की है। कंपनी ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत दुनिया के सबसे शक्तिशाली एआई बुनियादी ढांचे में से एक का निर्माण किया है। इसके साथ ही, उसने दो नए उत्पाद लॉन्च किए हैं: Tyrone Camarero GB200 AI सुपरकंप्यूटर और Tyrone Camarero Spark पर्सनल AI कंप्यूट सिस्टम। ये दोनों सिस्टम एनवीडिया की उन्नत एआई तकनीक पर आधारित हैं। इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में सकारात्मक उछाल देखा गया।
भारत में एआई कंप्यूटिंग का नया अध्याय
नेटवेब टेक्नोलॉजीज के अनुसार, Tyrone Camarero GB200 और Tyrone Camarero Spark सिस्टम देश में कंप्यूटिंग के एक नए युग की शुरुआत करेंगे। ये सिस्टम एनवीडिया की Sovereign AI तकनीक पर आधारित हैं, जिन्हें विशेष रूप से भारत में बढ़ते एआई डेवलपर्स और उद्यमों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। खास बात यह है कि Tyrone Camarero Spark को दुनिया के सबसे छोटे एआई सुपरकंप्यूटरों में से एक माना जा रहा है। यह डेस्कटॉप आकार में ही एनवीडिया का पूरा एआई सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर स्टैक उपलब्ध कराता है, जो इसे डेवलपर्स के लिए अत्यधिक सुविधाजनक बनाता है।
छोटे आकार में जबरदस्त क्षमता
Tyrone Camarero Spark में एनवीडिया ब्लैकवेल GPU, ग्रेस CPU, एनवीडिया नेटवर्किंग और CUDA-X लाइब्रेरी जैसे उन्नत घटक शामिल हैं। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- 1 पेटाफ्लॉप तक की एआई परफॉर्मेंस
- 128GB यूनिफाइड मेमोरी
- केवल 5.9 x 5.9 x 2 इंच का कॉम्पैक्ट आकार
- सिर्फ 240 वाट बिजली की खपत
- 200 अरब पैरामीटर तक के एआई मॉडल पर इनफेरेंस चलाने की क्षमता
- 70 अरब पैरामीटर तक के मॉडल को स्थानीय स्तर पर फाइन-ट्यून करने की सुविधा
यह सिस्टम डेवलपर्स को अपने स्थानीय सिस्टम पर ही एआई एजेंट बनाने और उन्नत एआई मॉडल चलाने की सुविधा देता है, जिससे क्लाउड पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाती है।
सीईओ ने जताया गर्व
नेटवेब टेक्नोलॉजीज के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजय लोढ़ा ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि Tyrone Camarero Spark का भारत में निर्मित होना ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम एनवीडिया GB10 ग्रेस ब्लैकवेल सुपरचिप पर आधारित है, जो डेवलपर्स को बेहद छोटे आकार में शक्तिशाली एआई कंप्यूटिंग क्षमता प्रदान करता है। सीईओ के अनुसार, यह कदम भारत में एआई अनुसंधान और विकास को पूरी तरह से बदल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ने एनवीडिया के साथ मिलकर एक नया ग्राहक वर्ग तैयार किया है।
एनवीडिया ने भी सराहा
एनवीडिया के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक विशाल धूपर ने कहा कि जनरेटिव एआई और संप्रभु कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए नए और शक्तिशाली एआई बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नेटवेब और एनवीडिया की साझेदारी देश के डेवलपर्स और कंपनियों तक एआई कंप्यूटिंग पहुंचाने में मददगार साबित होगी, जिससे नए नवाचार और खोजों को गति मिलेगी।
एआई डेवलपर्स के लिए नए उपकरण
Tyrone Camarero Spark में पहले से इंस्टॉल एनवीडिया नेमोट्रॉन एआई मॉडल, लाइब्रेरी और NIM माइक्रोसर्विसेज मिलती हैं। इससे डेवलपर्स आसानी से निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:
- एआई चैटबॉट बनाना
- इमेज जनरेशन सिस्टम विकसित करना
- विजन सर्च और डाटा समरी एजेंट तैयार करना
- उन्नत एआई एप्लिकेशन विकसित करना
इस सिस्टम की शिपिंग शुरू हो चुकी है और भारत के कुछ एआई संगठनों को इसकी शुरुआती इकाइयां भी प्रदान की जा चुकी हैं।
भारत में तैयार हो रहे नए एआई सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम
नेटवेब ने एनवीडिया ग्रेस ब्लैकवेल प्लेटफॉर्म पर आधारित नए टायरन एआई सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम भी लॉन्च किए हैं, जिन्हें भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है। इन सिस्टमों की विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- एनवीडिया ब्लैकवेल GPU और ग्रेस CPU का उपयोग
- लिक्विड-कूल्ड MGX मॉड्यूलर सर्वर सपोर्ट
- पिछली पीढ़ी की तुलना में 2 गुना तक बेहतर प्रदर्शन
- एआई ट्रेनिंग, रिसर्च और साइंटिफिक कंप्यूटिंग के लिए उपयुक्त
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में प्रदर्शनी
भारत में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 में नेटवेब टेक्नोलॉजीज ने अपनी टायरन एआई सिस्टम्स की पूरी रेंज प्रदर्शित की। इस रेंज में एआई एज कंप्यूटिंग से लेकर पर्सनल कंप्यूटिंग और डाटा सेंटर एआई सिस्टम तक के समाधान शामिल हैं। इसे भारत में एआई बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।