एआई इम्पैक्ट समिट 2026: टेक विशेषज्ञों ने दी युवाओं को सलाह, एआई से डरने की बजाय अपनाएं और तीन महीने में सीखें ये कौशल
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में तकनीकी उद्योग के दिग्गजों ने एक अहम संदेश दिया है। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे अपनाकर खुद को बेहतर बनाने का समय है। सम्मेलन में ‘एआई के युग में रोजगार का भविष्य’ विषय पर चर्चा के दौरान उद्योग जगत के नेताओं ने युवाओं को लगातार सीखते रहने की सलाह दी। उनका मानना है कि अगले तीन से पांच वर्षों में कार्यबल में बड़े बदलाव आएंगे, जहां कुछ पारंपरिक नौकरियां खत्म हो सकती हैं, लेकिन साथ ही एआई कई नए अवसर भी सृजित करेगा।
एआई को अपनाने की जरूरत पर जोर
नौकरी डॉट कॉम के संस्थापक संजीव बिखचंदानी ने युवाओं को एक स्पष्ट लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों या बाहरी कारकों की चिंता छोड़कर खुद पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब बैंकों में पहली बार कंप्यूटर आए थे, तब भी लोगों को नौकरी जाने का डर सता रहा था। लेकिन वास्तविकता यह रही कि काम आसान हुआ, गति बढ़ी और नौकरियां नहीं गईं। उन्होंने सलाह दी, “एआई का आना तय है और इसे रोका नहीं जा सकता। यदि आप एआई का उपयोग करना नहीं सीखेंगे, तो एआई आपका उपयोग करेगा।” उन्होंने युवाओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगले तीन महीनों में कम से कम तीन नए एआई प्लेटफॉर्म चलाना सीख लें। जितना अधिक सीखेंगे, नौकरी उतनी ही सुरक्षित होगी।
मानवीय जिम्मेदारी की अहमियत
एजवर्वे (इंफोसिस की कंपनी) के सीईओ सतीश सीतारामैया ने इस बात पर जोर दिया कि एआई हमारी क्षमताओं को कई गुना बढ़ा सकता है, लेकिन अंततः किसी भी काम की जिम्मेदारी लेने के लिए इंसान की जरूरत हमेशा रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नौकरियां खत्म नहीं हो रही हैं, बल्कि काम करने के तरीके में बदलाव आ रहा है। वहीं, संपर्क के संस्थापक विनीत नायर ने एक दिलचस्प आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि यदि एआई के कारण 50% पुरानी नौकरियां प्रभावित होंगी, तो यह 50% नई नौकरियां भी पैदा करेगा। जरूरत केवल यह पहचानने की है कि हमारे पेशे में किन नए कौशलों की मांग होने वाली है।
पांच दिवसीय आयोजन में दिग्गजों की मौजूदगी
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। इस सम्मेलन में 30 से अधिक देशों की 300 से ज्यादा कंपनियां अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी। कार्यक्रम में दुनिया भर के कई प्रमुख टेक लीडर्स शामिल हो रहे हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स, गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के डेमिस हैसबिस और मेटा एआई के एलेक्जेंडर वांग जैसी हस्तियां शामिल हैं। बिल गेट्स पहले ही भारत पहुंच चुके हैं और अमरावती में हैं, जल्द ही वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
युवाओं के लिए मुख्य सीख
सम्मेलन में दिए गए संदेशों को सारांशित करते हुए, युवाओं के लिए तीन मुख्य बातें सामने आई हैं:
- एआई से डरने की बजाय इसे सीखने और अपनाने पर ध्यान दें।
- अगले तीन महीनों में कम से कम तीन नए एआई टूल्स या प्लेटफॉर्म्स में दक्षता हासिल करें।
- लगातार सीखने की आदत बनाएं और नई तकनीकों के अनुसार खुद को ढालें।