BuffetGPT: शादी के बुफे में अब नहीं होगा कन्फ्यूजन, यह AI टूल बताएगा क्या और कितना खाएं

शादी का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में खाने की तस्वीर उभर आती है। लेकिन जब वे वेन्यू पहुंचते हैं, तो फूड काउंटर पर सजे दर्जनों पकवान देखकर अक्सर समझ नहीं आता कि कहां से शुरुआत करें। क्या पनीर टिक्का खाएं या सीधे चाट पर जाएं? और अंत में पेट इतना भारी हो जाता है कि मेन कोर्स का मजा नहीं ले पाते। इसी आम समस्या का समाधान लेकर आया है एक अनोखा एआई टूल, जिसका नाम है BuffetGPT।

क्या है BuffetGPT?

बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज ने एक ऐसा एआई सिस्टम विकसित किया है जो शादी के खाने के मेन्यू को स्कैन करता है और आपको बताता है कि क्या, कितना और किस क्रम में खाना चाहिए। इस टूल का उद्देश्य लोगों को ज्यादा से ज्यादा पकवानों का स्वाद लेने में मदद करना है, वह भी बिना पेट भारी किए। BuffetGPT खासतौर पर शादियों और बड़े फंक्शन के बुफे खाने के लिए डिजाइन किया गया है।

कैसे काम करता है BuffetGPT?

यह टूल तीन मुख्य चरणों में काम करता है:

  • स्कैनिंग: यह कंप्यूटर विजन तकनीक का उपयोग करके पूरे बुफे काउंटर को स्कैन करता है।
  • पहचान: यह हर डिश को पहचान लेता है, चाहे वह गुलाब जामुन हो, पास्ता या कबाब।
  • कस्टमाइज्ड डाइट प्लान: इसके बाद यह पेट की मात्रा भौतिकी के सिद्धांत का उपयोग करता है। यानी यह हिसाब लगाता है कि आपके पेट में कितनी जगह है और कौन सी डिश कितनी भारी है। इसके आधार पर यह एक लिस्ट तैयार करता है कि पहले क्या खाएं और क्या छोड़ें, ताकि आप पेट फूलने से पहले ज्यादा से ज्यादा पकवानों का स्वाद ले सकें।

क्या इसका इस्तेमाल हुआ है?

BuffetGPT अभी शुरुआती चरण में है। पंकज ने इस एआई टूल को अपने दोस्त की शादी में टेस्ट किया था। उनके अनुसार, टूल ने सही तरीके से खाने का प्लान बनाया और लोगों को ज्यादा पकवान एन्जॉय करने में मदद मिली। इस प्रोजेक्ट को लेकर पंकज ने सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट शेयर की थी।

इंटरनेट पर छाया BuffetGPT

जैसे ही BuffetGPT की जानकारी सोशल मीडिया पर आई, यह तेजी से वायरल होने लगा। यूजर्स को यह आइडिया बेहद पसंद आ रहा है। कुछ लोगों ने लिखा कि यही है एआई का असली इस्तेमाल – रियल लाइफ की छोटी लेकिन बड़ी समस्याओं को हल करना। वहीं कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि भविष्य में इसमें कैटरर की रेटिंग, डिश की क्वालिटी और हेल्थ इंडिकेटर जैसे फीचर्स भी जोड़े जा सकते हैं।

पहले भी चर्चा में रह चुके हैं पंकज

यह पहली बार नहीं है जब पंकज अपने अनोखे इनोवेशन की वजह से चर्चा में आए हों। कुछ समय पहले उन्होंने एक ऐसा एआई डिवाइस बनाया था, जो ऑफिस में बॉस के पास आते ही कंप्यूटर स्क्रीन बदल देता था। अगर वे नेटफ्लिक्स देख रहे होते और बॉस पास आते, तो स्क्रीन अपने आप काम वाली फाइलों में बदल जाती थी।

क्या कहता है यह इनोवेशन?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई सिर्फ बड़ी इंडस्ट्री या रिसर्च तक सीमित नहीं है। बल्कि इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की उन समस्याओं को हल करने में भी किया जा सकता है, जिन पर लोग आमतौर पर ध्यान नहीं देते। यह कहना मुश्किल नहीं कि आने वाले समय में खाना चुनने का काम भी एआई करेगा।