स्मार्टफोन के ये पांच सेफ्टी फीचर्स आपातकाल में काम आएंगे, आज ही करें सेटिंग
दिल्ली में हाल ही में सामने आए आंकड़ों ने सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जनवरी 2026 के पहले 15 दिनों में ही राजधानी से 800 से अधिक लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें 509 महिलाएं और लड़कियां हैं, जबकि 298 पुरुष शामिल हैं। यह आंकड़ा हर किसी के लिए एक चेतावनी है। अक्सर हम बाहर सतर्क रहने पर जोर देते हैं, लेकिन हमारी जेब में मौजूद स्मार्टफोन भी मुसीबत के समय बचाव का सबसे मजबूत जरिया बन सकता है। यहां हम पांच ऐसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें तुरंत सेट कर लेना चाहिए।
1. इमरजेंसी SOS: आपातकाल में तुरंत मदद
यह फीचर हर स्मार्टफोन में सबसे अहम है। इसे ऑन रखने से खतरे की घड़ी में आप तुरंत अपने परिवार या आपातकालीन सेवाओं को सूचना भेज सकते हैं। आप अपने फोन की सेटिंग में जाकर ‘इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स’ जोड़ सकते हैं। जब भी आप इस फीचर को एक्टिवेट करेंगे, आपके चुने हुए संपर्कों को कॉल या मैसेज के जरिए आपकी लोकेशन भेज दी जाएगी।
- आईफोन के लिए: साइड या पावर बटन को लगातार पांच बार दबाएं। इससे तुरंत पुलिस या एम्बुलेंस को कॉल लग जाएगी और आपके परिवार को आपकी लोकेशन मिल जाएगी।
- एंड्रॉयड के लिए: सेटिंग्स में जाकर ‘सेफ्टी एंड इमरजेंसी’ विकल्प खोजें। यहां SOS फीचर को ऑन कर दें। अब जब भी आप पावर बटन को तीन या पांच बार दबाएंगे, आपके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को आपकी लोकेशन के साथ मदद का संदेश चला जाएगा।
2. लाइव लोकेशन शेयरिंग: हर पल की जानकारी
जब भी आप किसी अनजान कैब या सुनसान रास्ते पर हों, तो अपनी लाइव लोकेशन परिवार के साथ शेयर करने की आदत डालें। सामान्य लोकेशन भेजने के बजाय लाइव लोकेशन ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि इससे आपके परिवार को पता चलता रहता है कि आप किस दिशा में जा रहे हैं और फिलहाल कहां हैं। आईफोन यूजर्स ‘फाइंड माई’ एप और एंड्रॉयड यूजर्स ‘गूगल मैप्स’ के ‘लोकेशन शेयरिंग’ फीचर से यह सुविधा ले सकते हैं।
3. 112 इंडिया एप: सरकारी मदद का तुरंत जरिया
भारत सरकार का ‘112 इंडिया’ एप आपातकाल में एक रक्षक की तरह काम करता है। इस एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बटन दबाते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस को आपकी सटीक लोकेशन के साथ मदद का संदेश मिल जाता है। जब कॉल करने का समय न हो, तब यह एप तुरंत मदद बुलाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। इसे अपने फोन में जरूर डाउनलोड करें और सेट करें।
4. क्रैश डिटेक्शन और पर्सनल सेफ्टी चेक
नए स्मार्टफोन में क्रैश डिटेक्शन फीचर होता है, जो किसी बड़े एक्सीडेंट या जोरदार झटके को पहचान लेता है। दुर्घटना होने पर यह अपने आप इमरजेंसी नंबर पर सूचना भेज देता है। इसके अलावा, एंड्रॉयड फोन के ‘पर्सनल सेफ्टी’ एप में आप एक टाइमर (सेफ्टी चेक) सेट कर सकते हैं। अगर आप तय समय तक फोन का जवाब नहीं देते, तो फोन समझ जाता है कि आप खतरे में हैं। यह अपने आप अलार्म बजाकर या आपके परिवार को मैसेज भेजकर उन्हें सचेत कर देता है।
5. मेडिकल आईडी: बेहोशी या चोट में पहचान
अपने फोन में मेडिकल जानकारी और परिवार के नंबर जरूर सेव करें। फोन की ‘हेल्थ’ या ‘सेफ्टी’ सेटिंग में जाकर अपना ब्लड ग्रुप, एलर्जी और इमरजेंसी नंबर जैसी जानकारी भर दें। यह जानकारी फोन लॉक होने पर भी देखी जा सकती है। इससे बेहोशी या चोट लगने की स्थिति में कोई भी आपकी पहचान कर सकता है और तुरंत आपके परिवार को सूचित कर सकता है।
याद रखें, ये सभी फीचर्स तभी काम आएंगे जब आप इन्हें पहले से ऑन करके रखेंगे। आज ही दस मिनट निकालकर अपने और अपने परिवार के फोन की ये सेटिंग्स जांच लें। आपकी सावधानी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।