दुनियाभर में इंस्टाग्राम की सेवाएं ठप, डेस्कटॉप यूजर्स को सबसे ज्यादा दिक्कत
गुरुवार, 5 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम में अचानक आई तकनीकी खामी ने दुनिया भर के लाखों उपयोगकर्ताओं को परेशान कर दिया। यह आउटेज खासतौर पर उन लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर आया, जो कंप्यूटर या वेब ब्राउजर के जरिए इंस्टाग्राम का उपयोग कर रहे थे। इन उपयोगकर्ताओं को लॉगइन करने और अपनी फीड लोड करने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के अनुसार, भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे तक 10,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी थीं। हालांकि, इस खराबी के पीछे के कारणों को लेकर मेटा (इंस्टाग्राम की मूल कंपनी) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वेबसाइट पर दिखा सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तकनीकी खराबी इंस्टाग्राम के मोबाइल एप और वेबसाइट दोनों पर देखी गई, लेकिन ब्राउजर पर चलने वाली वेबसाइट पूरी तरह से ठप हो गई थी। कई उपयोगकर्ताओं ने वेबसाइट पर लॉगइन करते समय एरर मैसेज और फीड पर ‘सॉरी, समथिंग वेंट रॉन्ग’ जैसे संदेशों के स्क्रीनशॉट साझा करके अपनी निराशा व्यक्त की। धीरे-धीरे यह समस्या कम हो रही है और शिकायतों की संख्या में भी गिरावट आ रही है, लेकिन कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह खराबी किस वजह से आई।
एक्स पर मीम्स और शिकायतों का तांता
जैसे ही इंस्टाग्राम बंद हुआ, उपयोगकर्ता अपनी शिकायतें लेकर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उमड़ पड़े। एक यूजर ने बताया कि वह एक मीम पर कमेंट कर रहा था कि तभी एप ने काम करना बंद कर दिया। वहीं दूसरे यूजर ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए इंस्टाग्राम से जल्द से जल्द समस्या को ठीक करने की मांग की। इस बीच, कुछ लोगों ने इस स्थिति का मजाक भी उड़ाया। एक यूजर ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि जैसे ही इंस्टाग्राम डाउन होता है, लोग सबसे पहले एक्स पर यह पक्का करने के लिए दौड़ते हैं कि क्या वाकई सबका एप बंद हुआ है या सिर्फ उनका।
अकाउंट सस्पेंशन की बढ़ती चिंता
परेशानी सिर्फ सर्वर डाउन होने तक ही सीमित नहीं है। 3 फरवरी से ही कई उपयोगकर्ता एक्स पर शिकायत कर रहे हैं कि उनके अकाउंट बिना किसी स्पष्ट कारण के निलंबित किए जा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा, फिर भी इंस्टाग्राम उन्हें गलत नोटिस भेज रहा है। एक परेशान यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि इंस्टाग्राम बिना बात के अकाउंट बैन कर रहा है। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसकी कोई गलती न होने के बावजूद उसका अकाउंट तीसरी बार हटा दिया गया है। हालांकि, अभी तक इन शिकायतों की पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई है और मेटा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर साझा हुए समाधान के उपाय
हालांकि मेटा या इंस्टाग्राम की ओर से इस खराबी के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे ठीक करने के उपाय साझा किए हैं। कुछ एपल यूजर्स का सुझाव है कि एप को डिलीट करके दोबारा इंस्टॉल करें और उसे खोलने से पहले ब्राउजर के ‘प्राइवेट मोड’ में लॉगइन करने की कोशिश करें। अच्छी खबर यह है कि अब शिकायतों की संख्या कम हो रही है, जिससे संकेत मिलता है कि समस्या धीरे-धीरे ठीक हो रही है।
2025: इंटरनेट आउटेज का चुनौतीपूर्ण साल
साल 2025 इंटरनेट और क्लाउड सेवाओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें कई बड़े आउटेज देखने को मिले। यहां पिछले साल के प्रमुख आउटेज का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
- अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्लूएस): 20 अक्टूबर 2025 को एडब्लूएस में एक बड़ी तकनीकी खराबी आई, जिससे नेटफ्लिक्स, स्नैपचैट और कई ई-कॉमर्स साइट्स लगभग 15 घंटों तक प्रभावित रहीं।
- क्लाउडफ्लेयर: क्लाउड सेवा प्रदान करने वाली इस अमेरिकी कंपनी को पिछले साल कई बार आउटेज का सामना करना पड़ा। खासतौर पर 18 नवंबर को हुई बड़ी खराबी ने दुनिया भर की हजारों वेबसाइटों, एप्स और यहां तक कि ChatGPT, परप्लेक्सिटी और एक्स को भी ठप कर दिया।
- प्लेस्टेशन नेटवर्क (पीएसएन): 7 फरवरी 2025 को सोनी का गेमिंग नेटवर्क 24 घंटे से अधिक समय तक वैश्विक स्तर पर बंद रहा।
- गूगल क्लाउड: 12 जून 2025 को गूगल क्लाउड के आउटेज की वजह से स्पॉटिफाई, डिस्कॉर्ड और ट्विच जैसी लोकप्रिय सेवाएं प्रभावित हुईं।
- माइक्रोसॉफ्ट एज्योर: माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड सेवा ने 9 अक्टूबर और 29 अक्टूबर को दो बड़े आउटेज का सामना किया, जिससे कई एयरलाइन और व्यावसायिक सेवाएं बाधित हुईं।
- एक्स (X): 10 मार्च 2025 को एलन मस्क के इस प्लेटफॉर्म पर बड़ा आउटेज हुआ, जिसकी भारत में भी 6 लाख से अधिक रिपोर्ट दर्ज की गईं।
- यूट्यूब: 15 अक्टूबर 2025 को यूट्यूब पर एक बड़ा ग्लोबल आउटेज आया, जिससे इसके स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लाखों उपयोगकर्ताओं को समस्या हुई।
इसके अलावा स्नैपचैट, व्हाट्सएप, स्लैक और स्पॉटिफाई जैसी कंपनियों ने भी समय-समय पर तकनीकी खराबी के कारण इंटरनेट आउटेज झेला। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि डिजिटल बुनियादी ढांचा कितना संवेदनशील हो सकता है और एक छोटी सी तकनीकी खराबी कितने बड़े पैमाने पर उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर सकती है।