भारत ने एआई अनुसंधान के लिए नए संगठन का किया गठन, पांच साल में 300 करोड़ की फंडिंग

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘इंडियन एआई रिसर्च ऑर्गनाइजेशन’ (IAIRO) नामक इस नई संस्था की औपचारिक शुरुआत 30 जनवरी को की गई। यह एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसे सरकार और उद्योग जगत दोनों का संयुक्त समर्थन प्राप्त है। इस पहल के तहत अगले पांच वर्षों में कुल 300 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

फंडिंग और सहयोग की रूपरेखा

IAIRO को मिलने वाली यह 300 करोड़ रुपये की राशि गुजरात सरकार, केंद्र सरकार और इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस की ओर से संयुक्त रूप से दी जाएगी। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य भारत में एआई से जुड़े नवाचार को गति देना और देश को इस तकनीक में आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल न केवल अनुसंधान को बढ़ावा देगी, बल्कि वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगी।

आम जीवन पर केंद्रित होगा अनुसंधान

IAIRO का प्रमुख ध्यान ऐसे एआई अनुसंधान पर होगा जो सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर सके। संगठन स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और अन्य सामाजिक आवश्यकताओं से जुड़े क्षेत्रों में काम करेगा। भारत की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, यह संगठन स्थानीय हार्डवेयर और क्लाउड तकनीक के इस्तेमाल से स्मार्ट एआई मॉडल विकसित करेगा। इस दृष्टिकोण से देश के लिए विशेष और प्रभावी एआई सिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी।

महत्वाकांक्षी लक्ष्य और योजनाएं

IAIRO ने अपने लिए कई बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • 200 से अधिक नए एआई इनोवेटर्स को तैयार करना
  • 50 से ज्यादा पेटेंट दाखिल करना
  • 30 से अधिक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करना
  • कम से कम 20 स्टार्टअप्स को समर्थन प्रदान करना
  • 10,000 से ज्यादा छात्रों को एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षित और प्रेरित करना

इस संगठन के संस्थापक निदेशक डॉ. अमित शेठ होंगे, जबकि बोर्ड में डॉ. अजय चौधरी शामिल हैं। इसके अलावा, Google DeepMind और OpenAI से जुड़े विशेषज्ञ भी इस पहल को सलाह और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

राष्ट्रीय एआई मिशन को मिलेगी मजबूती

IAIRO, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और IndiaAI Mission के साथ मिलकर विशेष कार्यक्रम संचालित करेगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उद्यमियों, निवेशकों और युवा प्रतिभाओं को एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। इस पहल के जरिए भारत न केवल वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है, बल्कि उन क्षेत्रों में रोजगार और नवाचार को भी बढ़ावा देना चाहता है जो देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।