सरकार ने Wingo App पर लगाया प्रतिबंध, हर दिन 1.53 करोड़ लोगों को भेजे जा रहे थे फर्जी संदेश

केंद्र सरकार ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Wingo नामक मोबाइल एप्लिकेशन को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया है। यह कदम बड़े पैमाने पर एसएमएस धोखाधड़ी की शिकायतों के बाद उठाया गया है। यह एप यूजर्स के फोन का दुरुपयोग करके उन्हें बिना जानकारी के साइबर अपराध की श्रृंखला में शामिल कर रहा था। गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एजेंसी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

गेम की आड़ में चल रहा था धोखाधड़ी का खेल

यह एप गूगल प्ले स्टोर पर एक मल्टीप्लेयर गेम के रूप में उपलब्ध था। लोग इसे एक सामान्य मनोरंजन ऐप समझकर डाउनलोड करते थे, जिसमें एक साथ कई खिलाड़ी लाइव गेम खेल सकते थे। लेकिन इस गेमिंग इंटरफेस के पीछा एक बेहद खतरनाक साइबर षड्यंत्र छिपा हुआ था। सरकार को इस एप के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई, जिसमें इसके असली चेहरे का पर्दाफाश हुआ।

कैसे काम करता था यह फ्रॉड नेटवर्क?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, Wingo एप को ‘टेलीकॉम म्यूल एज अ सर्विस’ (Telecom Mule as a Service) की श्रेणी में रखा गया है। सीधे शब्दों में समझें तो यह एप लोगों को छोटे-मोटे काम करने के बदले पैसे देने का लालच देता था। जैसे ही कोई उपयोगकर्ता इसे डाउनलोड करता, यह एप उसके फोन पर पूरी तरह से कब्जा कर लेता था। इसके बाद बैकग्राउंड में चुपके से यूजर के मोबाइल नंबर से दूसरे लोगों को धोखाधड़ी वाले एसएमएस भेजने लगता था।

इस पूरी प्रक्रिया में अपराधी यूजर के फोन को एक माध्यम की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। ठगी के संदेश उपयोगकर्ता के नंबर से जाते थे, जिससे पुलिस जांच में वही आरोपी नजर आता था, जबकि उसे अपने फोन से हो रही इस गतिविधि की कोई जानकारी नहीं होती थी।

चौंकाने वाले आंकड़े और सरकारी कार्रवाई

I4C की जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को दर्शाते हैं:

  • इस नेटवर्क के जरिए हर दिन लगभग 1.53 करोड़ लोगों को फर्जी एसएमएस भेजे जा रहे थे।
  • करीब 1.53 लाख लोग मामूली कमाई के लालच में इस एप का हिस्सा बन चुके थे और अनजाने में अपराध में सहायक बन रहे थे।
  • सरकार ने एप को ब्लॉक करने के साथ-साथ इसे बढ़ावा देने वाले 50 से अधिक यूट्यूब वीडियो को भी हटा दिया है।
  • इसके अलावा, 1.53 लाख सदस्यों वाले 4 टेलीग्राम चैनलों को भी बंद कर दिया गया है, जो इस फ्रॉड नेटवर्क को फैलाने में मदद कर रहे थे।

सावधानी ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका

गृह मंत्रालय और I4C ने इस एप के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को जियो-ब्लॉक कर दिया है, जिससे अब यह भारत में काम नहीं कर पाएगा। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी एप को डाउनलोड करते समय बेहद सावधानी बरतें। विशेष रूप से उन एप्स से दूर रहें जो आपको एसएमएस भेजने या फोन के हार्डवेयर का इस्तेमाल करने के बदले पैसे देने का वादा करते हैं। ऐसे एप आपको आसानी से साइबर अपराध का शिकार बना सकते हैं।