बिना इंटरनेट के चलने वाला मैसेजिंग ऐप: BitChat ने ईरान और युगांडा में मचाई धूम
दुनिया के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाना एक आम बात हो गई है। ईरान और युगांडा में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकारों ने कई इलाकों में इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया। इसका मकसद कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अफवाहों पर रोक लगाना और सोशल मीडिया के जरिए उत्तेजक सामग्री को फैलने से रोकना था। हालांकि, कई बार ऐसा कदम मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने के लिए भी उठाया जाता है।
इसी बीच, दोनों देशों में एक ऐसे मोबाइल एप्लिकेशन की डाउनलोड संख्या अचानक बढ़ गई है जो बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के काम करता है। यह ऐप दुनिया भर के प्रदर्शनकारियों और सक्रियतावादियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बनता जा रहा है। इस ऐप को इस्तेमाल करने के लिए न तो फोन नंबर डालने की जरूरत है और न ही किसी तरह का रजिस्ट्रेशन। बस इसे डाउनलोड करें और तुरंत इस्तेमाल शुरू करें।
कैसे काम करता है यह ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप
व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक मैसेंजर जैसे लोकप्रिय ऐप मोबाइल डेटा या वाई-फाई पर निर्भर करते हैं। इनके बिना ये ऐप बिल्कुल काम नहीं करते। लेकिन BitChat नाम का यह नया ऐप इस समस्या का समाधान लेकर आया है। इसे ट्विटर के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ जैक डॉर्सी ने पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया था। उन्होंने मात्र एक सप्ताह की कोडिंग में इस ऐप को तैयार कर लिया था।
डॉर्सी का मानना है कि इंटरनेट को विकेंद्रीकृत होना चाहिए ताकि सरकारी सेंसरशिप को दरकिनार कर सूचनाओं का मुक्त आदान-प्रदान संभव हो सके। वह स्वीकार करते हैं कि इंटरनेट के केंद्रीकरण के लिए वह खुद भी कुछ हद तक जिम्मेदार हैं और यही सोच उन्हें यह ऐप बनाने के लिए प्रेरित करती है।
BitChat की तकनीक: ब्लूटूथ मेश नेटवर्क
BitChat एक मैसेजिंग ऐप है, लेकिन इसका काम करने का तरीका पारंपरिक ऐप से बिल्कुल अलग है। यह ब्लूटूथ मेश (Bluetooth Mesh) तकनीक का उपयोग करता है। इसका मतलब है कि ऐप डेटा नेटवर्क की बजाय फोन के ब्लूटूथ के जरिए संदेश भेजता है।
इस सिस्टम में हर डिवाइस एक नोड की तरह काम करता है। जब आप किसी को संदेश भेजते हैं जो ब्लूटूथ की रेंज (लगभग 30 से 100 मीटर) के बाहर है, तो संदेश बीच में मौजूद अन्य BitChat उपयोगकर्ताओं के फोन के जरिए आगे बढ़ता है। इस तरह, एक श्रृंखला बन जाती है जो संदेश को उसके गंतव्य तक पहुंचाती है।
गोपनीयता और सुरक्षा की विशेषताएं
यह ऐप पूरी तरह से विकेंद्रीकृत है, जिसका अर्थ है कि इसमें किसी खाते, ईमेल या सिम कार्ड की आवश्यकता नहीं है। संदेशों की सुरक्षा के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, संदेशों को छोटे टुकड़ों में तोड़कर भेजा जाता है, जो एक निश्चित समय के बाद अपने आप डिलीट हो जाते हैं। यह सुविधा गोपनीयता के लिहाज से इसे बेहद खास बनाती है।
डेटा स्टोरेज और सेंसरशिप से आजादी
BitChat की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका कोई भी डेटा किसी केंद्रीय सर्वर पर स्टोर नहीं होता। जहां अन्य ऐप संदेशों को क्लाउड पर सेव कर सकते हैं, वहीं BitChat में सारा डेटा स्थानीय रूप से डिवाइस पर ही रहता है। इस वजह से अधिकारियों के लिए डेटा की निगरानी या जांच करना लगभग असंभव है।
चूंकि यह ऐप पूरी तरह से विकेंद्रीकृत है, इसलिए किसी सरकार या संस्था के लिए इसे सेंसर करना या बंद करना बहुत मुश्किल है। यही कारण है कि इंटरनेट प्रतिबंधों के बीच यह ऐप लोगों के लिए संचार का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है।
क्यों बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता
ईरान और युगांडा जैसे देशों में जहां सरकारें विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए इंटरनेट बंद कर देती हैं, वहां BitChat जैसे ऐप की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। यह ऐप न केवल संदेश भेजने की सुविधा देता है, बल्कि उपयोगकर्ताओं की पहचान भी छिपाकर रखता है।
इसकी सादगी भी इसकी लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण है। बिना किसी जटिल सेटअप के, कोई भी व्यक्ति इसे डाउनलोड कर तुरंत इस्तेमाल शुरू कर सकता है। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, कोई फोन नंबर नहीं, बस एक सरल और सुरक्षित संचार का साधन।
हालांकि, यह ऐप मुख्य रूप से उन स्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है जहां इंटरनेट उपलब्ध नहीं है या प्रतिबंधित है, लेकिन इसकी तकनीक और गोपनीयता सुविधाएं इसे सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए भी आकर्षक बनाती हैं। ब्लूटूथ मेश तकनीक का उपयोग कर यह ऐप भीड़भाड़ वाले इलाकों, त्योहारों या आपात स्थितियों में भी कारगर साबित हो सकता है जहां नेटवर्क ओवरलोड हो जाता है।