भारत में एपल पे की एंट्री: 2026 तक शुरू हो सकती है सेवा
एपल अपनी डिजिटल पेमेंट सेवा ‘एपल पे’ को भारतीय बाजार में लाने की तैयारी में जुट गया है। कंपनी ने इस दिशा में मास्टरकार्ड और वीजा जैसे प्रमुख कार्ड नेटवर्क के साथ प्रारंभिक चर्चा शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, एपल वर्तमान में आवश्यक नियामक मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। कंपनी की योजना 2026 तक चरणबद्ध तरीके से इस सेवा को शुरू करने की है।
शुरुआत में नहीं होगा UPI का समर्थन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले चरण में एपल पे बिना यूपीआई सपोर्ट के लॉन्च हो सकता है। कंपनी शुरुआती दौर में थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करेगी। इसका अर्थ यह है कि शुरुआत में यह सेवा पूरी तरह से कार्ड-आधारित कॉन्टैक्टलेस पेमेंट पर केंद्रित रहेगी।
कैसे काम करेगा एपल पे?
एपल पे की मुख्य तकनीक ‘टैप-टू-पे’ है, जो NFC (नियर-फील्ड कम्युनिकेशन) पर आधारित है। इस सुविधा के जरिए iPhone यूजर्स अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को एपल वॉलेट में सेव कर सकेंगे। इसके बाद वे दुकानों, मॉल्स या अन्य व्यापारिक स्थानों पर केवल फोन टैप करके भुगतान कर पाएंगे। ट्रांजैक्शन को Face ID या Touch ID से कन्फर्म किया जा सकेगा, जिससे यह प्रक्रिया तेज और सुरक्षित दोनों बन जाती है। फिलहाल भारतीय कार्डों को एपल वॉलेट में जोड़ने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
नियामक चुनौतियां और बैंकों के साथ बातचीत
भारत में डिजिटल पेमेंट को लेकर RBI के सख्त नियम हैं, विशेषकर डेटा स्टोरेज और कार्ड टोकनाइजेशन के संबंध में। एपल इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियामकों के साथ लगातार संवाद कर रहा है। इसके अलावा, बैंकों के साथ फीस संरचना और वाणिज्यिक समझौतों पर भी बातचीत जारी है। जानकारों के अनुसार, हर लेन-देन पर एपल बैंकों से एक छोटा कमीशन लेता है। भारत में बैंकों के साथ इस पर सहमति बनाना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
मौजूदा UPI ऐप्स को मिलेगी टक्कर
भारतीय बाजार में एपल पे का सीधा मुकाबला गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसी मौजूदा UPI ऐप्स से होगा। हालांकि, एपल पे केवल एपल डिवाइसों जैसे iPhone, एपल वॉच और iPad पर ही काम करेगा, जबकि अन्य ऐप्स एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। भारत में एपल का प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि एपल पे विशेष रूप से हाई-एंड यूजर्स के बीच लोकप्रिय हो सकता है।
वैश्विक स्तर पर एपल पे की मौजूदगी
वैश्विक स्तर पर एपल पे वर्तमान में 89 देशों में उपलब्ध है। भारत में इसका आगमन एपल की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत कंपनी चीन के बाद भारत को अपना अगला बड़ा बाजार बनाना चाहती है। इससे पहले एपल ने रेजरपे के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय भुगतान से जुड़े कुछ फीचर्स भारत में पेश किए थे।