मेटा की बड़ी छंटनी पर ऑक्युलस संस्थापक का समर्थन: ‘यह सही फैसला’
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा ने अपने रियलिटी लैब्स डिविजन से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है। इस कदम को वर्चुअल रियलिटी और मेटावर्स से कंपनी के ध्यान हटाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस फैसले को लेकर एक चौंकाने वाली प्रतिक्रिया सामने आई है। ऑक्युलस के संस्थापक पामर लकी, जिन्हें खुद मार्क जुकरबर्ग ने 2017 में कंपनी से निकाल दिया था, ने इस छंटनी को ‘बढ़िया फैसला’ बताया है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 15,000 कर्मचारियों वाले इस डिविजन से 1,000 से अधिक लोगों की छंटनी की जा रही है। मेटा के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एंड्रयू बोसवर्थ ने एक आंतरिक पोस्ट के जरिए प्रभावित कर्मचारियों को इसकी सूचना दी।
पामर लकी का अलग नजरिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में पामर लकी ने अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि उनका नजरिया वीआर इंडस्ट्री और मीडिया में चल रही आम धारणा से बिल्कुल अलग है। लकी ने स्पष्ट किया कि यह कोई आपदा नहीं है। उनके अनुसार, मेटा के पास अब भी वीआर पर काम करने वाली सबसे बड़ी टीम है और कोई भी कंपनी इसके आसपास भी नहीं है।
आंकड़ों को लेकर सफाई
पामर लकी ने ‘मेटा वीआर छोड़ रहा है’ वाले नैरेटिव को साफ तौर पर गलत बताया। उन्होंने संख्यात्मक विश्लेषण करते हुए कहा कि 15,000 कर्मचारियों के मुकाबले 1,500 कर्मचारियों (यानी 10 प्रतिशत) की छंटनी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह छह महीने के सामान्य कर्मचारियों के घटने-बढ़ने को मात्र 60 दिनों में समेटने जैसा है। लकी ने माना कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कटौती से झटका और दर्द जरूर होता है, लेकिन इससे वीआर विकास में मेटा की प्रमुख स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
आंतरिक प्रतिस्पर्धा का मुद्दा
लकी ने अपनी पोस्ट में यह भी खुलासा किया कि रियलिटी लैब्स से हटाए गए अधिकांश पद फर्स्ट-पार्टी कंटेंट टीमों से जुड़े थे। यानी मेटा के अपने गेम स्टूडियो, जो सीधे तौर पर थर्ड-पार्टी डेवलपर्स से प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। उनके मुताबिक, यह आंतरिक प्रतिस्पर्धा बाजार को विकृत कर रही थी।
उन्होंने आगे कहा कि पूरे इकोसिस्टम को दबा देना और भी कम तर्कसंगत है। छोटे और बड़े हर डेवलपर को मेटा के स्वामित्व वाली टीमों से मुकाबला करने में बेहद मुश्किल हुई है, क्योंकि उन टीमों के पास ऐसे बजट थे जो उनकी कमाई की क्षमता से कहीं ज्यादा थे।
पामर लकी और मेटा का पुराना विवाद
पामर लकी कभी मेटा की वीआर महत्वाकांक्षाओं का अहम हिस्सा हुआ करते थे। उन्होंने ही ऑक्युलस की स्थापना की थी, जिसे बाद में मेटा ने अधिग्रहित कर लिया। हालांकि, 2017 में एक राजनीतिक विवाद के बाद उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया था। दिलचस्प बात यह है कि 2026 तक आते-आते लकी और मेटा के बीच आधिकारिक रूप से सुलह हो चुकी है और दोनों सैन्य तकनीक से जुड़ी परियोजनाओं पर साथ काम कर रहे हैं।