ग्रोक एआई विवाद: मलेशिया ने भी अश्लील सामग्री पर कसा शिकंजा, अब कोर्ट में होगा फैसला

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और उनकी एआई कंपनी xAI के सामने दक्षिण-पूर्व एशिया में एक नया संकट खड़ा हो गया है। मलेशियाई अधिकारियों ने मंगलवार को घोषणा की कि वे मस्क की कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने जा रहे हैं। यह कदम ग्रोक एआई चैटबॉट से जुड़े विवादों के बीच उठाया गया है, जिसने हाल ही में कई देशों का ध्यान खींचा है।

मलेशिया और इंडोनेशिया का सख्त रुख

मलेशिया और इंडोनेशिया दुनिया के पहले ऐसे देश बन गए हैं, जिन्होंने ग्रोक की पहुंच को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है। मलेशियाई संचार और मल्टीमीडिया आयोग (MCMC) ने स्पष्ट किया है कि एक्स और xAI अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं। आयोग ने इस मामले के लिए एक वकील नियुक्त कर दिया है और जल्द ही औपचारिक अदालती कार्यवाही शुरू की जाएगी।

विवाद की जड़: ग्रोक का इमेजिन फीचर

मलेशियाई आयोग के अनुसार, ग्रोक के इमेजिन फीचर और इसके स्पाइसी मोड का दुरुपयोग महिलाओं और बच्चों की अश्लील, अपमानजनक और छेड़छाड़ की गई तस्वीरें बनाने के लिए किया जा रहा है। आयोग ने इन सामग्रियों को हटाने के लिए एक्स और xAI को नोटिस भेजा था, लेकिन कंपनियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आयोग का कहना है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी ऐसी आपत्तिजनक सामग्री बनाना मलेशियाई कानून का उल्लंघन है और यह कंपनियों की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को कमजोर करता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता दबाव

ग्रोक एआई पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। मलेशिया के अलावा, कई अन्य देशों ने भी इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाए हैं:

  • यूनाइटेड किंगडम: ब्रिटेन ने न्यूडिफिकेशन एप्स को अपराध घोषित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। वहां का मीडिया नियामक जांच कर रहा है कि क्या ग्रोक ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) साझा करने की अनुमति देकर कानून तोड़ा है।
  • भारत और यूरोपीय संघ: भारत और ईयू ने एआई-जनरेटेड डीपफेक को लेकर कड़े सुरक्षा उपाय अपनाने की चेतावनी दी है।

ग्रोक का हालिया बदलाव और विशेषज्ञों की राय

भारी विरोध के बाद पिछले हफ्ते ग्रोक ने इमेज जेनरेशन को केवल पेड यूजर्स तक सीमित कर दिया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि मूल मुद्दा एआई टूल के डिजाइन और उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की कमी है।

मस्क की चुप्पी

इस पूरे विवाद और प्रतिबंधों पर एलन मस्क ने अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। वहीं, उनकी कंपनी xAI मीडिया के सवालों के जवाब में एक ऑटोमेटेड मैसेज भेज रही है, जिसमें लिखा है, “पुरानी मीडिया झूठ बोलती है।” यह रुख साफ तौर पर दर्शाता है कि कंपनी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि दुनिया भर के नियामकों ने इस पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।