विश्व डेंगू दिवस: डेंगू बुखार के पांच प्रमुख लक्षण, जिन्हें भूलकर भी न करें नजरअंदाज

बारिश का मौसम शुरू होते ही डेंगू के मामलों में अचानक वृद्धि देखी जाती है। मच्छरों के काटने से फैलने वाला यह वायरल संक्रमण कई बार गंभीर रूप धारण कर सकता है। यदि समय पर इसकी पहचान और इलाज न हो, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। विश्व डेंगू दिवस के अवसर पर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन कुछ विशेष संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। यदि शुरुआती चरण में ही डेंगू का पता चल जाए, तो इलाज आसान हो जाता है और जटिलताओं का खतरा भी कम हो जाता है। आइए जानते हैं डेंगू के पांच प्रमुख लक्षणों के बारे में, जिन्हें देखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

1. अचानक तेज बुखार आना

डेंगू का सबसे पहला और आम लक्षण अचानक तेज बुखार का आना है। यह बुखार 102 से 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है। सामान्य वायरल बुखार के विपरीत, यह बुखार अचानक शुरू होता है और लगातार 2 से 7 दिनों तक बना रह सकता है। इस दौरान रोगी को ठंड लगना, कंपकंपी और अत्यधिक कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

2. सिर और आंखों के पीछे तेज दर्द

डेंगू के मरीजों को अक्सर तेज सिरदर्द के साथ-साथ आंखों के पीछे असहनीय दर्द का अनुभव होता है। यह दर्द विशेष रूप से तब बढ़ जाता है जब मरीज आंखें घुमाता है या तेज रोशनी की ओर देखता है। यह लक्षण डेंगू को सामान्य बुखार से अलग पहचानने में मददगार साबित होता है। यदि आपको या आपके परिवार में किसी को ऐसा दर्द महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें।

3. शरीर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द

डेंगू को ‘हड्डी तोड़ बुखार’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें शरीर, मांसपेशियों और जोड़ों में बहुत तेज दर्द होता है। मरीज के लिए उठना-बैठना, चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। यह दर्द कभी-कभी इतना अधिक होता है कि व्यक्ति पूरी तरह से कमजोर और बेहाल महसूस करने लगता है। यदि बुखार के साथ शरीर में इस तरह का असहनीय दर्द हो, तो यह डेंगू का संकेत हो सकता है।

4. त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेज

डेंगू के दौरान शरीर पर लाल रंग के चकत्ते या रैशेज दिखाई दे सकते हैं। ये आमतौर पर बुखार कम होने के बाद या बीमारी के मध्य चरण में नजर आते हैं। ये चकत्ते त्वचा पर खुजली और जलन भी पैदा कर सकते हैं। त्वचा पर इस तरह के लाल निशान संक्रमण की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. अत्यधिक थकान और कमजोरी

डेंगू बुखार के बाद मरीज को अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होती है। यह कमजोरी कई दिनों या हफ्तों तक बनी रह सकती है। इसके अलावा, कुछ मामलों में मसूड़ों या नाक से खून आना, पेट में दर्द, उल्टी और भूख न लगना जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। यदि बुखार के साथ ये गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित जांच कराएं।

डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से सुरक्षा सबसे जरूरी है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का उपयोग करें। समय पर लक्षणों की पहचान और सही इलाज से डेंगू को गंभीर होने से रोका जा सकता है।