सड़क किनारे बिकने वाला मैंगो शेक: सेहत के लिए खतरा
गर्मियों की शुरुआत होते ही आम और उससे बने पेय पदार्थों का क्रेज बढ़ जाता है। इनमें मैंगो शेक का नाम सबसे ऊपर आता है। सड़क के किनारे लगी दुकानों या ठेलों पर मिलने वाला ठंडा मैंगो शेक गर्मी से राहत देने के साथ-साथ स्वाद में भी बेहद लुभावना लगता है। लेकिन स्वाद के पीछे भागते हुए अक्सर लोग यह भूल जाते हैं कि खुले में बिकने वाला यह पेय उनकी सेहत के लिए कितना हानिकारक हो सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सड़क किनारे मिलने वाले कई मैंगो शेक बनाते समय साफ-सफाई का पूरा ध्यान नहीं रखा जाता। ऐसे में यह स्वादिष्ट ड्रिंक कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। अगर आप भी गर्मी के दिनों में बाहर का मैंगो शेक पीने के शौकीन हैं, तो इसके नुकसान और बचाव के तरीकों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
फूड पॉइजनिंग का बढ़ता जोखिम
सड़क किनारे बनने वाले मैंगो शेक में सबसे बड़ा खतरा फूड पॉइजनिंग का होता है। खुले वातावरण में रखे आम, दूध और बर्फ पर धूल, मक्खियां और कीटाणु आसानी से जमा हो जाते हैं। ये बैक्टीरिया जब शरीर में पहुंचते हैं, तो उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन और बुखार जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। कई बार खराब हाइजीन की वजह से संक्रमण इतना गंभीर हो जाता है कि अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ जाती है। गर्मी का मौसम इन बैक्टीरिया के तेजी से पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है, जिससे यह खतरा और बढ़ जाता है।
बासी दूध का इस्तेमाल
कई दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए ताजे दूध की जगह पुराने या ठीक से स्टोर न किए गए दूध का उपयोग करते हैं। ऐसा दूध जल्दी खराब हो जाता है और इसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। जब इस दूध का इस्तेमाल मैंगो शेक में किया जाता है, तो यह पाचन तंत्र पर बुरा असर डालता है। इससे पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लगातार इस तरह के दूध का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होने लगती है।
अत्यधिक चीनी का सेवन
मैंगो शेक के स्वाद को बढ़ाने के लिए अक्सर इसमें जरूरत से ज्यादा चीनी मिलाई जाती है। अधिक चीनी खाने से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है, जो मोटापे का कारण बन सकती है। इसके अलावा, यह ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित करता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लंबे समय तक ज्यादा मीठा शेक पीने से दांतों में कैविटी और मसूड़ों की बीमारियां भी हो सकती हैं।
दूषित बर्फ और पानी का उपयोग
सड़क किनारे इस्तेमाल होने वाली बर्फ और पानी की गुणवत्ता हमेशा सुरक्षित नहीं होती। कई बार बर्फ बिना फिल्टर किए पानी से बनाई जाती है या उसे साफ जगह पर स्टोर नहीं किया जाता। ऐसी दूषित बर्फ में बैक्टीरिया और वायरस मौजूद हो सकते हैं, जो शरीर में जाकर संक्रमण फैला सकते हैं। इसके कारण डायरिया, उल्टी, पेट में इंफेक्शन और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। गर्मी के मौसम में जब शरीर पहले से ही कमजोर होता है, यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
स्वास्थ्य के लिए अन्य संभावित खतरे
- खराब आम का उपयोग: कई बार दुकानदार सड़े-गले या अधपके आम का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे पेट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
- गंदे बर्तन: मैंगो शेक बनाने और सर्व करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तनों को ठीक से साफ नहीं किया जाता, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं।
- एलर्जी की संभावना: कुछ लोगों को आम या दूध से एलर्जी हो सकती है, और सड़क किनारे मिलने वाले शेक में इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता।
- कीटनाशकों के अवशेष: आम पर कीटनाशकों के अवशेष हो सकते हैं, जिन्हें ठीक से धोए बिना इस्तेमाल करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
गर्मी के मौसम में मैंगो शेक का आनंद लेना बुरा नहीं है, लेकिन इसे हमेशा साफ-सफाई का ध्यान रखने वाली जगहों से ही खरीदना चाहिए या घर पर ताजे और साफ सामग्री से बनाकर पीना चाहिए। अपनी सेहत को दांव पर लगाकर स्वाद का लुत्फ उठाना भारी पड़ सकता है।