एटीएफ की बढ़ती कीमत और पीक सीजन ने हवाई किराए को तीन गुना किया

गर्मी की छुट्टियों के दौरान हवाई यात्रियों की संख्या में अचानक वृद्धि ने विमानन क्षेत्र में किराए को आसमान पर पहुंचा दिया है। एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की लागत में लगातार बढ़ोतरी और यात्रियों की अधिक मांग के चलते एयरलाइंस कंपनियों ने टिकटों की कीमतों में भारी उछाल दिया है। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित होने वाली अधिकांश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।

घरेलू उड़ानों के किराए में भारी उछाल

वाराणसी से मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों की उड़ानों के किराए में दो से तीन गुना तक की वृद्धि दर्ज की गई है। सामान्य दिनों में जहां मुंबई का किराया चार से छह हजार रुपये के बीच होता था, वहीं अब यह 13 से 15 हजार रुपये तक पहुंच गया है। दिल्ली के लिए सामान्यतः 2,500 से 3,000 रुपये का टिकट अब 5,500 से 6,000 रुपये में मिल रहा है। बंगलूरू की उड़ानों का किराया दस हजार रुपये से अधिक हो गया है, जबकि हैदराबाद के लिए यह करीब दस हजार रुपये तक पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ा असर

घरेलू मार्गों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भी 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। विदेश जाने वाले यात्रियों को अब अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है। एटीएफ की कीमतों में वृद्धि और पीक सीजन की मांग ने विदेशी उड़ानों को भी महंगा कर दिया है। इसका सबसे अधिक प्रभाव उन गंतव्यों पर पड़ा है जहां गर्मी की छुट्टियों में पर्यटकों की भीड़ बढ़ जाती है।

पर्यटन स्थलों की ओर रुझान बढ़ा

भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग हिल स्टेशनों और पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। शिमला, दार्जिलिंग, मेघालय, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए यात्रियों की मांग काफी बढ़ गई है। जम्मू के लिए सामान्य दिनों में लगभग छह हजार रुपये का किराया अब 16 हजार रुपये से अधिक हो गया है। कोलकाता के लिए एक स्टॉप वाली उड़ानों का किराया 13 से 15 हजार रुपये तक पहुंच गया है।

हवाई अड्डे पर विस्तार कार्य का असर

बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर चल रहे विस्तार कार्य के कारण कुछ उड़ानों की संख्या में अस्थायी कमी आई है। इससे यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे किराए पर और दबाव बढ़ गया है। हालांकि, हवाई अड्डे से प्रतिदिन 80 से 90 उड़ानों का संचालन जारी है, लेकिन पीक सीजन में यह संख्या अपर्याप्त साबित हो रही है।

  • मुंबई का किराया: सामान्य 4,000-6,000 रुपये से बढ़कर 13,000-15,000 रुपये
  • दिल्ली का किराया: 2,500-3,000 रुपये से बढ़कर 5,500-6,000 रुपये
  • बंगलूरू का किराया: 10,000 रुपये से अधिक
  • हैदराबाद का किराया: करीब 10,000 रुपये
  • जम्मू का किराया: 6,000 रुपये से बढ़कर 16,000 रुपये से अधिक
  • कोलकाता का किराया (एक स्टॉप): 13,000-15,000 रुपये