गर्मियों में आंखों की देखभाल: त्वचा ही नहीं, आंखों को भी चाहिए विशेष ध्यान

गर्मी के मौसम में अक्सर लोग त्वचा की सुरक्षा पर ध्यान देते हैं, लेकिन आंखों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। तेज धूप, बढ़ता तापमान, धूल और प्रदूषण का असर सीधे आंखों पर पड़ता है। कई लोग आंखों में जलन, लालिमा, सूखापन या धुंधलापन जैसी समस्याओं को मौसमी बदलाव समझकर टाल देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये लक्षण सिर्फ मौसम का प्रभाव नहीं, बल्कि किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए आंखों के संकेतों को समझना और समय पर सावधानी बरतना जरूरी है।

तेज धूप और यूवी किरणों से आंखों को बचाना क्यों जरूरी?

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सूर्य की किरणें सबसे अधिक तीव्र होती हैं। इस समय निकलने वाली हानिकारक यूवी किरणें आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से आंखों में जलन, लालिमा, खुजली, पानी आना और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, यूवी किरणों के अत्यधिक संपर्क से मोतियाबिंद और कॉर्निया को नुकसान होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

  • लगभग 20 से 25 प्रतिशत लोगों को तेज धूप और यूवी किरणों के संपर्क में आने से आंखों में सूखापन और जलन की शिकायत होती है।
  • बाहर काम करने वाले करीब 30 प्रतिशत लोगों में आंखों की बीमारियों या कमजोर नजर का जोखिम अधिक पाया जाता है।
  • लंबे समय तक धूप में रहने से मोतियाबिंद और कॉर्निया को नुकसान पहुंचने की संभावना दोगुनी से भी अधिक हो जाती है।

आंखों को सुरक्षित रखने के आसान उपाय

गर्मियों में आंखों की देखभाल के लिए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं। इन आदतों को अपनाकर आप आंखों को संक्रमण और एलर्जी से बचा सकते हैं।

साफ-सफाई पर दें विशेष ध्यान

गर्मी में धूल, पसीना और प्रदूषण आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। दिन में कई बार साफ और ठंडे पानी से आंखों को धोना फायदेमंद होता है। इससे आंखों को ठंडक मिलती है और जलन व थकान कम होती है। ध्यान रखें कि आंखों को बार-बार हाथों से न छुएं, क्योंकि हाथों में मौजूद बैक्टीरिया आंखों में संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

शरीर में पानी की कमी न होने दें

डिहाइड्रेशन का सीधा असर आंखों पर पड़ता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो आंसुओं की मात्रा घट जाती है, जिससे आंखें रूखी और बेचैन हो जाती हैं। रोजाना कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, छाछ, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी को पूरा करने और आंखों की नमी बनाए रखने में मदद करते हैं।

धूप में निकलते समय करें ये उपाय

अगर बाहर निकलना जरूरी हो, तो टोपी या छाते का इस्तेमाल करें। यूवी किरणों से बचाव के लिए ‘यूवीए’ और ‘यूवीबी’ प्रोटेक्शन वाले धूप के चश्मे पहनना बेहद जरूरी है। ये चश्मे हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को रोकते हैं और फोटोकेराटाइटिस, फोटो कंजंक्टिवाइटिस, मोतियाबिंद और टेरिगियम जैसी बीमारियों से बचाव करते हैं।

पर्याप्त नींद और स्क्रीन से ब्रेक जरूरी

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। साथ ही, मोबाइल और लैपटॉप के लगातार इस्तेमाल से आंखों को ब्रेक देना चाहिए। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए दूर की ओर देखने की आदत डालें। इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है और थकान कम होती है।

छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी

वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग नरूला के अनुसार, गर्मी के मौसम में आंखों की समस्याएं उन लोगों में अधिक देखी जाती हैं जो लंबे समय तक बाहर रहते हैं। बच्चे, बुजुर्ग, कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले और पहले से आंखों की बीमारी से पीड़ित लोग सबसे अधिक जोखिम में होते हैं। अगर आंखों में लगातार जलन, लालिमा, देखने में परेशानी या अत्यधिक सूखापन महसूस हो, तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर ही आई ड्रॉप्स का उपयोग करना लाभकारी हो सकता है।

गर्मियों में आंखों की देखभाल के लिए अन्य टिप्स

  • तेज धूप में बिना चश्मे के न निकलें।
  • आंखों को बार-बार गंदे हाथों से न छुएं।
  • कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग करते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • आंखों में किसी भी तरह की तकलीफ होने पर स्वयं दवा न लें।
  • धूल भरी जगहों पर जाने से बचें या चश्मा पहनें।

गर्मियों में आंखों की देखभाल करना उतना ही जरूरी है जितना त्वचा की सुरक्षा करना। थोड़ी सी सावधानी और नियमित आदतों से आंखों को कई गंभीर समस्याओं से बचाया जा सकता है। याद रखें, आंखों की छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए समय पर सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।