गर्मियों में कूलर का इस्तेमाल: ये 5 गलतियां आपकी मशीन और सुरक्षा दोनों के लिए खतरनाक
गर्मी के मौसम में कूलर हर घर की जरूरत बन जाता है। लोग इसे एयर कंडीशनर जैसा ठंडा बनाने के लिए कई तरह के प्रयोग करते हैं। कुछ लोग पानी में बर्फ डालते हैं तो कुछ खुशबू या रसायन मिलाने लगते हैं। लेकिन ये छोटी-छोटी आदतें आपके कूलर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं और आग लगने जैसी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। खासकर पुराने या लोकल कूलर में एक छोटी सी लापरवाही भी भारी नुकसान कर सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कूलर में कौन सी चीजें कभी नहीं डालनी चाहिए।
अत्यधिक मात्रा में बर्फ
बहुत से लोग सोचते हैं कि कूलर में जितनी ज्यादा बर्फ डालेंगे, उतनी ही ठंडी हवा मिलेगी। यह धारणा गलत है। जरूरत से ज्यादा बर्फ डालने से पानी का प्रवाह बाधित होता है और मोटर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे कूलर की कूलिंग क्षमता घट जाती है और मोटर के जलने का खतरा बढ़ जाता है। बर्फ का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, वरना यह फायदे के बजाय नुकसान पहुंचाएगा।
रसायन या परफ्यूम
कमरे में अच्छी खुशबू लाने के लिए कुछ लोग कूलर के पानी में परफ्यूम, फिनाइल या अन्य रसायन मिला देते हैं। यह आदत बेहद हानिकारक हो सकती है। रसायन पानी में घुलकर कूलर के पंप और कूलिंग पैड्स को खराब कर देते हैं। इसके अलावा, रासायनिक गंध सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और सिरदर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। कूलर में हमेशा सादा, साफ पानी ही डालें।
गंदा या खारा पानी
कूलर की सफाई और पानी की गुणवत्ता का सीधा असर उसकी उम्र पर पड़ता है। गंदा या नमकीन पानी डालने से कूलर के अंदर गंदगी और मिनरल जमा होने लगते हैं। यह जमाव पंप और मोटर को जल्दी खराब करता है। साथ ही, इससे हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है और कूलर से बदबू आने लगती है। खारा पानी कूलिंग पैड्स को सख्त बना देता है, जिससे हवा का बहाव रुक जाता है और ठंडक कम हो जाती है।
पेट्रोल या ज्वलनशील पदार्थ
यह सबसे खतरनाक गलती है जो लोग करते हैं। कूलर की सफाई के दौरान कुछ लोग पेट्रोल, केरोसिन या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल कर लेते हैं। कूलर के अंदर मौजूद इलेक्ट्रिक मोटर और वायरिंग के संपर्क में आते ही ये पदार्थ आग पकड़ सकते हैं। गर्मियों में यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। कूलर की सफाई के लिए केवल साफ पानी और हल्के डिटर्जेंट का ही उपयोग करें।
खराब वायरिंग वाले उपकरण
कूलर को चलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्विच, प्लग और वायरिंग की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। पुरानी, घिसी हुई या खराब वायरिंग शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकती है। कूलर में पानी और बिजली का कनेक्शन एक साथ होता है, इसलिए वायरिंग में कोई भी कमी आग लगने का खतरा पैदा कर सकती है। हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले स्विच और वायर का इस्तेमाल करें और समय-समय पर वायरिंग की जांच करवाते रहें।
कूलर को लंबे समय तक सुरक्षित और कुशलता से चलाने के लिए इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही देखभाल और सावधानी से आप अपने कूलर की उम्र बढ़ा सकते हैं और खुद को अनावश्यक खतरों से बचा सकते हैं।