शनि प्रदोष व्रत 2026: शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आज जानें क्या करें और क्या नहीं
आज शनि त्रयोदशी है, जो भगवान शिव और शनिदेव की संयुक्त आराधना का अत्यंत शुभ अवसर है। इसे शनि प्रदोष व्रत के नाम से भी जाना जाता है। जब प्रदोष काल शनिवार के दिन आता है, तो इसे शनि प्रदोष कहा जाता है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जिनकी कुंडली में शनि संबंधी कोई दोष या अशुभ प्रभाव विद्यमान है। ऐसे व्यक्तियों के लिए इस दिन व्रत रखना और शिव-पार्वती सहित शनिदेव की विधिवत पूजा करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। शनि प्रदोष के दिन शनिदेव की पूजा-अर्चना से तो लाभ मिलता ही है, साथ ही कुछ सावधानियां बरतना भी आवश्यक है, अन्यथा अनजाने में हुई गलतियां शनिदेव को रुष्ट कर सकती हैं। आइए जानते हैं कि इस दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
शनि प्रदोष पर भूलकर भी न खरीदें ये चीजें
- शनि त्रयोदशी के दिन लोहे से बनी वस्तुएं खरीदना वर्जित माना गया है। ऐसा करने से घर में अशांति और दरिद्रता का वास हो सकता है।
- शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत के दौरान बाजार से तेल खरीदने से बचना चाहिए। बेहतर होगा कि तेल एक दिन पहले ही खरीद कर रख लिया जाए। याद रखें, शनिवार को शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- इस दिन काले तिल और चमड़े से बनी वस्तुओं की खरीदारी करने से भी बचना चाहिए।
शनि मंदिर जाएं, लेकिन इन बातों का रखें ध्यान
शनि प्रदोष के दिन शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक अर्पित करने की परंपरा है। हालांकि, पूजा के दौरान शनिदेव की मूर्ति की आंखों में तेल नहीं चढ़ाना चाहिए। बल्कि, उनके चरणों में तेल अर्पित करते हुए पूजा करना अधिक उचित और शास्त्रसम्मत माना जाता है।
गरीबों और असहायों का अपमान करने से बचें
ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है। वे गरीबों, सेवकों, मजदूरों और वंचित वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए, इस दिन तो क्या, कभी भी इन लोगों के साथ बुरा व्यवहार या अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही, किसी भी जानवर को परेशान करने से भी बचना चाहिए।
इन चीजों के सेवन से करें परहेज
शनि त्रयोदशी के दिन सादा और सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। इस दिन मांस-मदिरा और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।
शनि प्रदोष पर करें ये शुभ कार्य
शनि त्रयोदशी के दिन शनिदेव की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। इस दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काले तिल का दान करें। इसके बाद शनिदेव से संबंधित मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है। साथ ही, इस दिन असहाय और जरूरतमंद लोगों को कंबल, काले तिल और जूते-चप्पल का दान करना चाहिए।