निर्जला एकादशी 2026: व्रत के दौरान करें श्रीहरि के इन नामों का जाप, मिलेगी मानसिक शांति और ऊर्जा
25 जून 2026 को वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशियों में से एक निर्जला एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। इसे भीमसेनी एकादशी और पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि, सफलता, भाग्य वृद्धि और सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना गया है।
शास्त्रों में निर्जला एकादशी का व्रत अत्यंत कठिन बताया गया है, क्योंकि इसमें पूरे दिन बिना अन्न और बिना जल ग्रहण किए उपवास रखा जाता है। इसे आत्मसंयम, श्रद्धा और तपस्या की परीक्षा के समान माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत करता है, उस पर भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है और जीवन के कष्ट दूर होने लगते हैं। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन व्रत रखने वालों को पूजा के दौरान भगवान विष्णु के 108 पवित्र नामों का जाप अवश्य करना चाहिए।
कहा जाता है कि श्रीहरि के नामों का स्मरण करने से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास व सकारात्मकता का संचार होता है। यही कारण है कि निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के नामों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
भगवान विष्णु के 108 नाम
- ऊँ श्री विष्णवे नम:
- ऊँ श्री परमात्मने नम:
- ऊँ श्री विराट पुरुषाय नम:
- ऊँ श्री क्षेत्र क्षेत्राज्ञाय नम:
- ऊँ श्री केशवाय नम:
- ऊँ श्री पुरुषोत्तमाय नम:
- ऊँ श्री ईश्वराय नम:
- ऊँ श्री हृषीकेशाय नम:
- ऊँ श्री पद्मनाभाय नम:
- ऊँ श्री विश्वकर्मणे नम:
- ऊँ श्री कृष्णाय नम:
- ऊँ श्री प्रजापतये नम:
- ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम:
- ऊँ श्री सुरेशाय नम:
- ऊँ श्री सर्वदर्शनाय नम:
- ऊँ श्री माधवाय नम:
- ऊँ श्री महाबलाय नम:
- ऊँ श्री गोविन्दाय नम:
- ऊँ श्री प्रजापतये नम:
निर्जला एकादशी के लिए विशेष नाम
- ऊँ श्री विश्वातमने नम:
- ऊँ श्री सहस्त्राक्षाय नम:
- ऊँ श्री नारायणाय नम:
- ऊँ श्री सिद्ध संकल्पयाय नम:
- ऊँ श्री महेन्द्राय नम:
- ऊँ श्री वामनाय नम:
- ऊँ श्री अनन्तजिते नम:
- ऊँ श्री महीधराय नम:
- ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:
- ऊँ श्री लक्ष्मीपतये नम:
- ऊँ श्री दामोदराय नम:
- ऊँ श्री कमलापतये नम:
- ऊँ श्री परमेश्वराय नम:
- ऊँ श्री धनेश्वराय नम:
- ऊँ श्री मुकुन्दाय नम:
- ऊँ श्री आनन्दाय नम:
- ऊँ श्री सत्यधर्माय नम:
- ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:
- ऊँ श्री चक्रगदाधराय नम:
- ऊँ श्री भगवते नम:
- ऊँ श्री शान्तिदाय नम:
- ऊँ श्री गोपतये नम:
अन्य पवित्र नाम
- ऊँ श्री श्रीपतये नम:
- ऊँ श्री श्रीहरये नम:
- ऊँ श्री श्रीरघुनाथाय नम:
- ऊँ श्री कपिलेश्वराय नम:
- ऊँ श्री वाराहय नम:
- ऊँ श्री नरसिंहाय नम:
- ऊँ श्री रामाय नम:
- ऊँ श्री हयग्रीवाय नम:
- ऊँ श्री शोकनाशनाय नम:
- ऊँ श्री विशुद्धात्मने नम:
- ऊँ श्री केश्वाय नम:
- ऊँ श्री धनंजाय नम:
- ऊँ श्री ब्राह्मणप्रियाय नम:
- ऊँ श्री यदुश्रेष्ठाय नम:
- ऊँ श्री लोकनाथाय नम:
- ऊँ श्री भक्तवत्सलाय नम:
- ऊँ श्री चतुर्मूर्तये नम:
- ऊँ श्री एकपदे नम:
- ऊँ श्री सुलोचनाय नम:
- ऊँ श्री सर्वतोमुखाय नम:
- ऊँ श्री सप्तवाहनाय नम:
व्रत में जाप के लिए अतिरिक्त नाम
- ऊँ श्री वंशवर्धनाय नम:
- ऊँ श्री योगिनेय नम:
- ऊँ श्री धनुर्धराय नम:
- ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम:
- ऊँ श्री अक्रूराय नम:
- ऊँ श्री दु:स्वपननाशनाय नम:
- ऊँ श्री भूभवे नम:
- ऊँ श्री प्राणदाय नम:
- ऊँ श्री देवकी नन्दनाय नम:
- ऊँ श्री शंख भृते नम:
- ऊँ श्री सुरेशाय नम:
- ऊँ श्री कमलनयनाय नम:
- ऊँ श्री जगतगुरूवे नम:
- ऊँ श्री सनातन नम:
- ऊँ श्री सच्चिदानन्दाय नम:
- ऊँ श्री द्वारकानाथाय नम:
- ऊँ श्री दानवेन्द्र विनाशकाय नम:
- ऊँ श्री दयानिधि नम:
- ऊँ श्री एकातम्ने नम:
- ऊँ श्री शत्रुजिते नम:
- ऊँ श्री घनश्यामाय नम:
- ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:
- ऊँ श्री जरा-मरण-वर्जिताय नम:
- ऊँ श्री सर्वयज्ञफलप्रदाय नम:
- ऊँ श्री विराटपुरुषाय नम:
- ऊँ श्री यशोदानन्दनयाय नम:
- ऊँ श्री परमधार्मिकाय नम:
- ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम: