ज्येष्ठ मास का बड़ा मंगलवार: जानिए कौन-सा तेल किस काम में आता है
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व है। इसे बड़ा मंगलवार या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान हनुमान की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। खासतौर पर हनुमान जी के सामने दीपक जलाने का विधान है। मान्यता है कि अलग-अलग तेलों से दीपक जलाने पर भिन्न-भिन्न फल मिलते हैं।
सरसों के तेल का दीपक: शत्रुओं और संकटों से मुक्ति
हनुमान जी को सरसों का तेल अत्यंत प्रिय है। बड़े मंगलवार के दिन उनके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है। यदि कोई व्यक्ति शत्रुओं, मुकदमेबाजी, भय या बार-बार आने वाली बाधाओं से परेशान है, तो उसे सरसों के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। इससे साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है और संकटों से रक्षा होती है।
चमेली के तेल का दीपक: मनोकामना सिद्धि और सफलता
हनुमान उपासना में चमेली के तेल का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चमेली के तेल का दीपक जलाने से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं। यदि कोई नौकरी, व्यापार, परीक्षा या किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता चाहता है, तो उसे चमेली के तेल का दीपक अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का जप करने से विशेष लाभ मिलता है।
तिल के तेल का दीपक: शनि दोष और ग्रह पीड़ा से राहत
ज्योतिष के अनुसार, तिल का तेल शनि ग्रह से जुड़ा है। मान्यता है कि हनुमान जी के सामने तिल के तेल का दीपक जलाने से शनि की प्रतिकूलता कम होती है और ग्रहों से होने वाले कष्टों में राहत मिलती है। जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैया या अन्य ग्रह संबंधी समस्याएं हैं, वे बड़े मंगलवार के दिन तिल के तेल का दीपक जलाकर सुंदरकांड का पाठ करें, तो लाभ हो सकता है।
घी का दीपक: सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति
हनुमान पूजा में तेल के दीपक का अधिक चलन है, लेकिन शुद्ध देसी घी का दीपक भी बहुत शुभ माना गया है। घी का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है, मानसिक शांति मिलती है और पारिवारिक कलह कम होती है। जो लोग आध्यात्मिक उन्नति, मन की एकाग्रता और पारिवारिक सुख-समृद्धि चाहते हैं, उनके लिए घी का दीपक लाभकारी है।
दीपदान करते समय इन बातों का रखें ध्यान
बड़े मंगलवार के दिन स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करें। दीपक जलाने के बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। पूजा में श्रद्धा, संयम और सच्ची भक्ति का विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किया गया दीपदान भगवान हनुमान की कृपा पाने का सरल और प्रभावी माध्यम है।
अस्वीकरण: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। इसकी सटीकता और संपूर्णता के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं ली जाती।