शनि देव के 108 नाम: साढ़ेसाती के प्रभाव से राहत और जीवन में सकारात्मक बदलाव

शनि जयंती 2026 का पर्व इस बार 16 मई को मनाया जा रहा है। यह दिन ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेषकर उन व्यक्तियों के लिए जो शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव में हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से शनिदेव की पूजा, मंत्र जाप और उनके 108 नामों का स्मरण करने से जीवन में आने वाली बाधाएं, आर्थिक परेशानियां और लंबे समय से अटके कार्य धीरे-धीरे गति पकड़ने लगते हैं। वर्तमान समय में कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं, जिससे उनके लिए यह दिन विशेष फलदायी सिद्ध हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शनिदेव का ध्यान करने से कर्मों के अनुसार शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

शनि दोष निवारण हेतु प्रमुख मंत्र

शनि दोष के प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित मंत्रों का जाप विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है:

  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
  • ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।

शनि देव के 108 पवित्र नाम

शनि जयंती के पावन अवसर पर शनिदेव के इन 108 नामों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है:

  • घन
  • सौम्य
  • शरण्य
  • सर्वाभीष्टप्रदायिन्
  • सुरवन्द्य
  • शनैश्चर
  • सुरलोकविहारिण्
  • सुखासनोपविष्ट
  • सुंदर
  • शांत
  • घनरूप
  • घनाभरणधारिण्
  • घनसारविलेप
  • खद्योत
  • मन्द
  • वरेण्य
  • सर्वेश
  • मन्दचेष्ट
  • महनीयगुणात्मन्
  • मर्त्यपावनपद
  • महेश
  • छायापुत्र
  • शर्व
  • शततूणीरधारिण्
  • चरस्थिरस्वभाव
  • अचञ्चल
  • नीलवर्ण
  • नित्य
  • नीलाञ्जननिभ
  • नीलाम्बरविभूशण
  • निश्चल
  • वेद्य
  • विधिरूप
  • विरोधाधारभूमी
  • भेदास्पदस्वभाव
  • वज्रदेह
  • वैराग्यद
  • वीर
  • वीतरोगभय
  • विपत्परम्परेश
  • विश्ववन्द्य
  • गृध्नवाह
  • गूढ
  • कूर्माङ्ग
  • कुरूपिण्
  • कुत्सित
  • गुणाढ्य
  • गोचर
  • आयुष्यकारण
  • आपदुद्धर्त्र
  • विष्णुभक्त
  • वशिन्
  • अविद्यामूलनाश
  • विद्याविद्यास्वरूपिण्
  • विविधागमवेदिन्
  • विधिस्तुत्य
  • वन्द्य
  • विरूपाक्ष
  • वरिष्ठ
  • गरिष्ठ
  • वज्राङ्कुशधर
  • वरदाभयहस्त
  • वामन
  • ज्येष्ठापत्नीसमेत
  • श्रेष्ठ
  • मितभाषिण्
  • कष्टौघनाशकर्त्र
  • पुष्टिद
  • स्तुत्य
  • स्तोत्रगम्य
  • भक्तिवश्य
  • अशेषजनवन्द्य
  • विशेषफलदायिन्
  • भानु
  • भानुपुत्र
  • भव्य
  • पावन
  • धनुर्मण्डलसंस्था
  • धनदा
  • धनुष्मत्
  • तनुप्रकाशदेह
  • तामस
  • वशीकृतजनेश
  • पशूनां पति
  • खेचर
  • घननीलाम्बर
  • काठिन्यमानस
  • आर्यगणस्तुत्य
  • नीलच्छत्र
  • नित्य
  • निर्गुण
  • गुणात्मन्
  • निन्द्य
  • वन्दनीय
  • धीर