मोहिनी एकादशी 2026: ये सरल उपाय दूर करेंगे जीवन की बाधाएं, घर-परिवार में छाएगी खुशहाली
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह पवित्र तिथि भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की आराधना के लिए समर्पित है। इस वर्ष मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन पूजा के साथ कुछ सरल उपाय करने से उनका फल कई गुना बढ़ जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं इन विशेष उपायों के बारे में।
तुलसी के पास दीपक जलाने का महत्व
मोहिनी एकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे की जड़ में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख और शांति बनी रहती है। साथ ही, यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने में सहायक माना जाता है।
भगवान विष्णु को अर्पित करें पीला भोग
भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए मोहिनी एकादशी के दिन उन्हें केसरिया भात, केला, आम और बेसन के लड्डू जैसे पीले रंग के पदार्थों का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और घर में समृद्धि आती है।
मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा
एकादशी की शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह सरल उपाय माता लक्ष्मी को घर में आकर्षित करता है और दरिद्रता को दूर करने में सहायक होता है।
विष्णु चालीसा का पाठ करें
मोहिनी एकादशी के दिन संध्या के समय विष्णु चालीसा का पाठ करना या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना लाभकारी होता है। इससे मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है।
केले के पेड़ की पूजा से दूर होंगी विवाह बाधाएं
केले के पेड़ को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। मोहिनी एकादशी के दिन इसकी जड़ में हल्दी की गांठ अर्पित कर पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। यह उपाय अच्छे रिश्तों के योग बनाने में भी सहायक माना गया है।
पीले वस्त्र धारण करें और दान का महत्व
मोहिनी एकादशी पर पीले वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही, जरूरतमंदों को पीले कपड़े, चना दाल या हल्दी का दान करना पुण्यकारी होता है। ऐसा करने से व्यक्ति का भाग्य मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है।