स्मार्टफोन का एक अलर्ट आपकी एकाग्रता को सात सेकंड तक कर सकता है प्रभावित
आपने अक्सर महसूस किया होगा कि जब आप किसी महत्वपूर्ण काम में व्यस्त होते हैं, तो फोन की एक घंटी या वाइब्रेशन आपको झटका देती है। यह छोटा सा व्यवधान आपकी सोचने की प्रक्रिया को तुरंत बाधित कर देता है। हाल ही में हुए एक शोध से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महज एक नोटिफिकेशन आपके दिमाग की कार्यक्षमता को पूरे सात सेकंड के लिए पटरी से उतार सकता है। इसका मतलब है कि हर बार जब आप फोन की ओर देखते हैं, तो आप अपना फोकस खो देते हैं और उसे वापस पाने में समय लगता है।
कैसे हुआ यह शोध?
स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ लॉजेन के वैज्ञानिकों ने 180 छात्रों पर एक विशेष मनोवैज्ञानिक परीक्षण किया। इस परीक्षण के दौरान छात्रों के फोन पर बीच-बीच में अलर्ट भेजे गए। शोधकर्ताओं ने पाया कि जैसे ही कोई नोटिफिकेशन आता, छात्रों के दिमाग की सूचना प्रसंस्करण क्षमता धीमी हो जाती थी। उनका ध्यान तुरंत भटक जाता था और उन्हें अपने काम पर वापस लौटने में कठिनाई होती थी। खास बात यह रही कि जब नोटिफिकेशन भावनात्मक या व्यक्तिगत होता था, तो इसका नकारात्मक प्रभाव और भी गहरा होता था।
बार-बार फोन चेक करना है सबसे बड़ी समस्या
आमतौर पर हम सिर्फ अपने स्क्रीन टाइम पर ध्यान देते हैं, यानी हमने दिन भर में कितने घंटे फोन चलाया। लेकिन शोध के प्रमुख लेखक हिप्पोलाइट फर्नियर के अनुसार, कुल समय से कहीं अधिक खतरनाक वह आवृत्ति है, जिससे हम फोन चेक करते हैं। दिन भर में आप कितनी बार फोन अनलॉक करते हैं और कितने नोटिफिकेशन प्राप्त करते हैं, यह आपकी एकाग्रता को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
- लगातार घंटों फोन चलाने से उतना नुकसान नहीं होता, जितना हर पांच मिनट में फोन चेक करने से होता है।
- यह आदत आपकी मानसिक ऊर्जा को टुकड़ों में बांट देती है, जिससे आप किसी भी काम में पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते।
- बार-बार ध्यान भटकने से काम की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों प्रभावित होती हैं।
नोटिफिकेशन का दिमाग पर क्या असर पड़ता है?
जब आपका फोन बजता है, तो आपका दिमाग तुरंत उस सूचना पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हो जाता है। यह प्रक्रिया आपके मौजूदा काम से ध्यान हटाकर नए इनपुट पर केंद्रित हो जाती है। शोध के अनुसार, यह ध्यान भटकना सिर्फ कुछ सेकंड का नहीं होता, बल्कि इसके बाद आपको अपनी पिछली मानसिक स्थिति में लौटने में करीब सात सेकंड लग जाते हैं। अगर दिन भर में ऐसा कई बार होता है, तो आपकी कुल उत्पादकता में भारी गिरावट आ सकती है।
यह शोध ‘कंप्यूटर्स इन ह्यूमन बिहेवियर’ जर्नल में प्रकाशित होने वाला है, जो बताता है कि डिजिटल युग में हमारी आदतें हमारी मानसिक क्षमता को कैसे प्रभावित कर रही हैं। इसलिए अगली बार जब फोन बजे, तो एक पल रुककर सोचें कि क्या वह नोटिफिकेशन वाकई इतना जरूरी है कि आप अपना फोकस खो दें।