चीन का 6G नेटवर्क के लिए क्रांतिकारी फोटोनिक इंजन: सफेद रोशनी से 1.2 किलोमीटर दूर डेटा ट्रांसफर

चीन के वैज्ञानिकों ने 6G संचार तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने एक लेजर-पावर्ड फोटोनिक इंजन विकसित किया है, जो सफेद रोशनी का उपयोग करके लंबी दूरी तक डेटा भेजने में सक्षम है। यह तकनीक भविष्य के AI-आधारित 6G नेटवर्क की नींव रख सकती है और संचार के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला सकती है।

लेजर-पावर्ड फोटोनिक इंजन: कैसे करता है काम?

यह नया सिस्टम एक विशेष सिरेमिक सामग्री से तैयार किया गया है, जिसे बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए आसानी से तैयार किया जा सकता है। फोटोनिक इंजन लेजर की मदद से उच्च गुणवत्ता वाली सफेद रोशनी उत्पन्न करता है और इसी रोशनी के माध्यम से डेटा ट्रांसफर करता है। यह मुख्य रूप से पीले प्रकाश क्षेत्र यानी 500 से 650 नैनोमीटर के बीच प्रकाश उत्सर्जित करता है।

हालांकि, इस इंजन में लाल प्रकाश घटकों की कमी है, जिसके कारण यह अभी सूर्य की प्राकृतिक रोशनी जैसी रंग सटीकता प्रदान नहीं कर पाता। इसके अलावा, इसकी डेटा ट्रांसफर गति फिलहाल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क से कम है। शोधकर्ता इसकी क्षमताओं को और बेहतर बनाने के लिए ऐसे प्रकाश उत्सर्जक पदार्थों पर काम कर रहे हैं जो डेटा भेजने की रफ्तार को और तेज कर सकें।

1.2 किलोमीटर तक डेटा ट्रांसफर का दावा

वर्तमान में LED-आधारित विजिबल लाइट कम्यूनिकेशन (VLC) सिस्टम केवल कुछ मीटर की दूरी तक ही डेटा भेज पाते हैं। इसके विपरीत, नया फोटोनिक इंजन लगभग 1.2 किलोमीटर तक डेटा ट्रांसफर कर सकता है। यह शोध 22 मई को सेल प्रेस की जर्नल ‘मैटर’ में प्रकाशित हुआ है और इसे 6G संचार तकनीक के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खराब मौसम में भी विश्वसनीय संचार

वैज्ञानिक खराब मौसम की स्थितियों में भी इंटरनेट सेवा को सुचारू रखने के लिए लेजर सिस्टम को रेडियो-फ्रीक्वेंसी सिस्टम के साथ एकीकृत करने की योजना बना रहे हैं। चीनी समाचार एजेंसी के अनुसार, AI-आधारित तकनीक डेटा दर को स्वचालित रूप से समायोजित कर सकती है। इससे भविष्य का 6G नेटवर्क अंतरिक्ष, हवा और जमीन पर पूरी तरह से जुड़ा और अत्यधिक विश्वसनीय होगा।

5G से कैसे अलग होगा 6G नेटवर्क?

मौजूदा 5G नेटवर्क एक हाईवे की तरह काम करते हैं, जहां डेटा बेहद तेज गति से ट्रांसफर होता है। लेकिन 6G नेटवर्क इससे कहीं अधिक उन्नत होंगे। भविष्य के 6G नेटवर्क स्मार्टफोन, स्ट्रीटलाइट और अन्य उपकरणों में एम्बेड किए जा सकते हैं। ये नेटवर्क सिर्फ डेटा ट्रांसफर ही नहीं करेंगे, बल्कि आसपास की गतिविधियों को समझने और उन पर प्रतिक्रिया देने में भी सक्षम होंगे।

  • व्यापक कनेक्टिविटी: लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट की मदद से 6G नेटवर्क रेगिस्तान, समुद्र और पहाड़ी क्षेत्रों जैसे दुर्गम इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान कर सकता है।
  • AI-संचालित अनुकूलन: यह नेटवर्क कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके डेटा ट्रांसफर दर को स्वचालित रूप से समायोजित कर सकता है, जिससे अधिक दक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
  • बहु-आयामी संचार: 6G नेटवर्क अंतरिक्ष, हवा और जमीन को जोड़ने वाला एक एकीकृत संचार ढांचा तैयार करेगा, जो पारंपरिक नेटवर्क की तुलना में कहीं अधिक सक्षम होगा।

यह नई फोटोनिक इंजन तकनीक 6G नेटवर्क के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो तेज, विश्वसनीय और सर्वव्यापी संचार के एक नए युग की शुरुआत करेगी।