स्मार्टफोन बैटरी से जुड़ी 6 आम भ्रांतियां: जानिए सच्चाई

स्मार्टफोन उपयोगकर्ता अक्सर अपनी बैटरी की सेहत को लेकर चिंतित रहते हैं। कोई रात भर चार्जिंग लगाने से डरता है, तो कोई मानता है कि बैटरी को पूरी तरह खत्म करके ही चार्ज करना चाहिए। जानकारी के अभाव में ये पुरानी मान्यताएं आज भी लोगों के मन में बैठी हुई हैं। आइए, ऐसी ही छह प्रचलित गलतफहमियों की सच्चाई जानते हैं जिनका बैटरी खराब होने से कोई संबंध नहीं है।

1. रातभर चार्जिंग से बैटरी खराब हो जाती है

यह सबसे आम और फैली हुई गलत धारणा है। हकीकत यह है कि आधुनिक स्मार्टफोन में ओवरचार्जिंग से बचाव का इंतजाम होता है। जैसे ही बैटरी 100 प्रतिशत चार्ज होती है, चार्जिंग अपने आप रुक जाती है। हालांकि, अगर आप फोन को बहुत गर्म जगह पर या तकिए के नीचे रखकर चार्ज करते हैं, तो गर्मी के कारण बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए चार्जिंग के दौरान फोन को हवादार जगह पर रखें।

2. बैटरी को 0% तक डिस्चार्ज करना जरूरी है

यह सलाह पुरानी निकेल-आधारित बैटरियों के लिए सही थी। लेकिन आज के लिथियम-आयन बैटरियों के लिए यह बिल्कुल गलत है। बार-बार बैटरी को शून्य प्रतिशत तक ले जाने से उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। दरअसल, पूरी तरह डिस्चार्ज होने के बाद फुल चार्ज करने पर बैटरी अधिक गर्म होती है। आप बिना किसी चिंता के बैटरी को कभी भी, किसी भी स्तर पर चार्ज कर सकते हैं।

3. केवल कंपनी के चार्जर का ही उपयोग करना चाहिए

कंपनियां अक्सर अपने ही चार्जर के इस्तेमाल की सलाह देती हैं, लेकिन यह काफी हद तक मार्केटिंग रणनीति है। अगर आपका चार्जर अच्छी गुणवत्ता का है और यूएसबी पावर डिलीवरी जैसे मानकों को सपोर्ट करता है, तो आप किसी भी भरोसेमंद ब्रांड का चार्जर इस्तेमाल कर सकते हैं। बस सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते और घटिया क्वालिटी के चार्जर से बचें, क्योंकि वे बैटरी और फोन दोनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

4. चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न करें

कई लोग डरते हैं कि चार्जिंग के समय फोन चलाने से वह फट सकता है, लेकिन यह सोचना गलत है। चार्जिंग के दौरान हल्का-फुल्का उपयोग जैसे चैट करना या ईमेल पढ़ना पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, इस दौरान भारी गेम खेलने या वीडियो एडिटिंग करने से फोन ज्यादा गर्म हो सकता है, जो बैटरी की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए चार्जिंग के समय भारी कामों से बचना चाहिए।

5. एप किलर से बैटरी बचती है

आज के स्मार्टफोन बहुत अच्छी तरह से ऑप्टिमाइज़ होते हैं। बैकग्राउंड में चलने वाले एप्स बहुत कम बैटरी खर्च करते हैं। बार-बार एप्स को फोर्स स्टॉप करने से उल्टा ज्यादा बैटरी खर्च होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एप को दोबारा खोलने पर वह फिर से अपनी गतिविधियां शुरू करता है, जिसमें अधिक ऊर्जा लगती है। अगर कोई एप जरूरत से ज्यादा बैटरी खा रहा है, तो उसे हटा देना या उसकी अनुमतियां सीमित कर देना बेहतर उपाय है।

6. बैटरी को 100% तक चार्ज करना जरूरी है

यह भी एक आम गलतफहमी है। लिथियम-आयन बैटरियां 20% से 80% के बीच चार्ज रहने पर सबसे अच्छी स्थिति में रहती हैं। बैटरी को बार-बार 100% तक चार्ज करने या इसे लंबे समय तक 100% पर रखने से उसकी उम्र पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी बैटरी लंबे समय तक चले, तो इसे 80% तक चार्ज करना और 20% से नीचे न जाने देना सबसे अच्छा तरीका है।