5G इंटरनेट उपयोग में चीन अव्वल, भारत ने पकड़ी दूसरी रैंकिंग
दुनिया भर में 5G तकनीक का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन इसके इस्तेमाल में कोई अमेरिका या जर्मनी जैसे विकसित देश सबसे आगे नहीं हैं। नोकिया की एमबीआईटी 2026 रिपोर्ट के अनुसार, 5G यूजर्स की संख्या के मामले में चीन पहले स्थान पर है, जबकि भारत ने दूसरा स्थान हासिल किया है। यह रिपोर्ट भारत में बढ़ती डिजिटल क्रांति और डेटा खपत के नए आयामों को उजागर करती है।
भारत में प्रति यूजर डेटा खपत का रिकॉर्ड
भारतीय उपभोक्ताओं ने 2025 में इंटरनेट डेटा के इस्तेमाल का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में प्रति यूजर औसत मासिक डेटा खपत 31 जीबी से अधिक हो गई है। यह आंकड़ा 2024 में लगभग 27.5 जीबी था, जो दर्शाता है कि मात्र एक वर्ष के भीतर डेटा उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। लोग अब पहले से कहीं अधिक समय ऑनलाइन बिता रहे हैं और डिजिटल सेवाओं पर उनकी निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
5G डेटा ट्रैफिक में भारी उछाल
देशभर में 5G नेटवर्क पर डेटा ट्रैफिक में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2025 में इसमें सालाना आधार पर लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे कुल ट्रैफिक 12.9 एक्साबाइट तक पहुंच गया। अब कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी करीब 47 प्रतिशत हो चुकी है, जो इस तकनीक के तेजी से बढ़ते प्रभाव को स्पष्ट करता है।
वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत उपस्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। 5G यूजर्स की संख्या के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में चीन शीर्ष पर बना हुआ है, जहां 5G इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और विस्तार भारत से पहले शुरू हो गया था। इसके अलावा, 5G डेटा उपयोग और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) यूजर्स के मामले में भी भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। FWA ने डेटा खपत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है और 5G डेटा में इसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इस सेगमेंट में यूजर्स की संख्या हर साल लगभग दोगुनी हो रही है।
डेटा खपत बढ़ने के प्रमुख कारण
पिछले पांच वर्षों में प्रति यूजर डेटा खपत में औसतन 18 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- एआई आधारित एप्लिकेशन और सेवाओं का बढ़ता चलन
- 4K और हाई-डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीमिंग की लोकप्रियता
- क्लाउड गेमिंग जैसी डेटा-इंटेंसिव सेवाओं का विस्तार
- स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरणों का बढ़ता उपयोग
ये सभी सेवाएं अधिक डेटा खपत करती हैं, जिससे इंटरनेट उपयोग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
5G और AI के साथ बदलता डिजिटल भारत
भारत में मोबाइल ब्रॉडबैंड अब एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां 5G और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीकों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है ताकि बढ़ती मांग और नई डिजिटल सेवाओं को बेहतर समर्थन दिया जा सके। यह बदलाव न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल क्रांति को गति दे रहा है, जिससे भारत वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है।