नया एसी खरीदने से पहले जान लें ये 5 अहम बातें, वरना बाद में होगा पछतावा

गर्मी का मौसम शुरू होते ही एयर कंडीशनर खरीदने की होड़ लग जाती है। अगर आप भी चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए नया एसी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जल्दबाजी न करें। बाजार में कई तरह के विकल्प और आकर्षक ऑफर मौजूद हैं, लेकिन गलत चुनाव आपके बजट को तो बिगाड़ेगा ही, साथ ही बिजली के बिल में भी भारी इजाफा कर सकता है। आइए जानते हैं पांच जरूरी टिप्स, जिन्हें ध्यान में रखकर आप सही एसी का चुनाव कर सकते हैं।

1. कमरे के आकार के अनुसार चुनें सही क्षमता (टन)

एसी खरीदते समय सबसे पहले उसकी कूलिंग क्षमता यानी ‘टन’ पर ध्यान देना चाहिए। यह पूरी तरह से आपके कमरे के साइज पर निर्भर करता है। गलत टन का एसी लेने से या तो कमरा ठीक से ठंडा नहीं होगा या फिर बिजली की बर्बादी होगी।

  • 1 टन: अगर आपका कमरा 100 से 120 वर्ग फीट तक है, तो 1 टन का एसी काफी होगा।
  • 1.5 टन: 120 से 180 वर्ग फीट के कमरे के लिए 1.5 टन का एसी सबसे उपयुक्त माना जाता है।
  • 2 टन: 180 वर्ग फीट से बड़े कमरों में 2 टन या उससे अधिक क्षमता का एसी लेना चाहिए।

2. स्टार रेटिंग को समझें और सही चुनाव करें

एसी आपके घर में सबसे ज्यादा बिजली खपत करने वाला उपकरण है। इसलिए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) की स्टार रेटिंग जांचना न भूलें। स्टार रेटिंग जितनी अधिक होगी, एसी उतना ही कम बिजली खाएगा।

  • 5 स्टार: अगर आप दिन में 8-10 घंटे से अधिक एसी चलाते हैं, तो 5 स्टार रेटिंग वाला एसी खरीदना फायदेमंद रहेगा। यह शुरू में थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन लंबे समय में बिजली के बिल में भारी बचत करेगा।
  • 3 स्टार: अगर आप रोजाना केवल 3-4 घंटे ही एसी चलाते हैं, तो 3 स्टार वाला एसी भी एक अच्छा विकल्प है। यह आपकी जेब पर ज्यादा भारी नहीं पड़ेगा और बिजली बिल में भी ज्यादा अंतर नहीं आएगा।

3. इन्वर्टर तकनीक को दें प्राथमिकता

पुराने और साधारण एसी (नॉन-इन्वर्टर) की तुलना में इन्वर्टर एसी ज्यादा बेहतर होते हैं। ये कमरे के तापमान के अनुसार खुद को एडजस्ट करते हैं और कंप्रेसर की स्पीड को नियंत्रित करते हैं। इससे न सिर्फ बिजली की बचत होती है, बल्कि कमरे में लगातार एक जैसी ठंडक बनी रहती है। इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर बार-बार बंद और चालू नहीं होता, जिससे इसकी उम्र भी लंबी होती है।

4. कॉपर कॉइल वाला एसी चुनें

एसी में इस्तेमाल होने वाली कॉइल का प्रकार भी बहुत मायने रखता है। बाजार में एल्युमिनियम और कॉपर दो तरह की कॉइल वाले एसी मिलते हैं। हमेशा कॉपर कॉइल वाले एसी को प्राथमिकता दें। कॉपर कॉइल ज्यादा टिकाऊ होती है और इसमें जंग लगने का खतरा कम होता है। यह गर्मी को बेहतर तरीके से ट्रांसफर करता है, जिससे कूलिंग एफिशिएंसी बढ़ जाती है। एल्युमिनियम कॉइल सस्ती होती है, लेकिन इसमें लीकेज और जंग लगने की समस्या जल्दी हो सकती है।

5. स्प्लिट और विंडो एसी में से चुनें

आपकी जरूरत और बजट के अनुसार स्प्लिट और विंडो एसी दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं।

  • विंडो एसी: यह ज्यादा किफायती होता है और इसे इंस्टॉल करना भी आसान है। हालांकि, इसके लिए कमरे में एक खिड़की की जरूरत होती है और यह चलने पर थोड़ा शोर करता है।
  • स्प्लिट एसी: यह देखने में आकर्षक होता है, बिल्कुल शांत चलता है और तेजी से ठंडक पहुंचाता है। इसे कमरे में कहीं भी लगवाया जा सकता है, लेकिन इसकी कीमत और इंस्टॉलेशन का खर्च विंडो एसी से अधिक होता है।

इन पांच बातों को ध्यान में रखकर आप न सिर्फ अपने बजट के अनुसार सही एसी चुन सकते हैं, बल्कि आने वाले सालों में बिजली के बिल और मेंटेनेंस के खर्च को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।