QuitGPT आंदोलन: पेंटागन डील के बाद OpenAI को बड़ा झटका, लाखों यूजर्स ने छोड़ा ChatGPT
अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ OpenAI की साझेदारी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में हलचल मचा दी है। इस समझौते के बाद लाखों उपयोगकर्ता ChatGPT से दूरी बना रहे हैं और वैकल्पिक प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर रहे हैं। ‘QuitGPT’ नाम से शुरू हुए इस आंदोलन ने तेजी से गति पकड़ी है, जिसमें अब तक 25 लाख से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं।
पेंटागन समझौते ने क्यों भड़काया विवाद?
OpenAI द्वारा अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ किए गए समझौते को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इस डील के तहत कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा उद्देश्यों के लिए आम नागरिकों का डेटा सरकार के साथ साझा करना होगा। यह कदम उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता एआई तकनीक के नैतिक उपयोग की सीमाओं को पार कर गया है। आम लोगों को डर है कि उनकी निजी जानकारी का इस्तेमाल सैन्य अभियानों या निगरानी गतिविधियों में किया जा सकता है। इसी डर ने ‘QuitGPT’ आंदोलन को जन्म दिया है, जो धीरे-धीरे एक वैश्विक अभियान का रूप ले रहा है।
ChatGPT अनइंस्टॉल करने वालों की संख्या में 300% का उछाल
मार्केट इंटेलिजेंस फर्म के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह अमेरिका में ChatGPT एप को डिलीट करने वालों की संख्या में 295 प्रतिशत का भारी इजाफा हुआ। सामान्य दिनों में यह आंकड़ा केवल 9 प्रतिशत के आसपास रहता है। यह स्पष्ट संकेत है कि उपयोगकर्ता एआई के सैन्य उपयोग को लेकर बेहद चिंतित और नाराज हैं।
यह आंदोलन केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। दुनिया भर के लोग इससे जुड़ रहे हैं और ChatGPT का बहिष्कार कर रहे हैं। ‘QuitGPT’ नामक एक वेबसाइट भी बनाई गई है, जो लोगों को इस आंदोलन से जोड़ने का काम कर रही है।
Claude AI को मिल रहा है भारी फायदा
OpenAI की मुश्किलों का फायदा प्रतिद्वंद्वी कंपनी Anthropic के AI मॉडल Claude AI को मिल रहा है। दरअसल, अमेरिकी रक्षा विभाग पहले Anthropic के साथ काम करना चाहता था, लेकिन कंपनी ने अपनी तकनीक के असीमित सैन्य उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
Anthropic के सीईओ डारियो अमोदेई ने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी का AI अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी या घातक स्वचालित हथियार बनाने के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि AI तकनीक अभी इतनी परिपक्व नहीं है कि इसका उपयोग जासूसी या युद्ध में किया जा सके।
पेंटागन का Anthropic को ब्लैकलिस्ट करना
Anthropic के इनकार के बाद पेंटागन ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। रक्षा विभाग ने धमकी दी थी कि अगर कंपनी अपनी नीतियों में ढील नहीं देती है, तो उसे ‘सप्लाई चेन रिस्क’ घोषित कर दिया जाएगा। ऐसा होने पर न केवल Anthropic के सभी सौदे रद्द हो जाएंगे, बल्कि उसके साथ काम करने वाली अन्य कंपनियों पर भी प्रतिबंध लग जाएगा।
इसके बाद OpenAI ने पेंटागन के साथ समझौता स्वीकार कर लिया। आरोप है कि OpenAI ने अपनी तकनीक को किसी भी कानूनी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी, जिसमें घातक रोबोट और बड़े पैमाने पर निगरानी जैसी शर्तें भी शामिल हैं।
OpenAI पर राजनीतिक दान के भी आरोप
इस समझौते के अलावा OpenAI पर राजनीतिक दान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दावा किया गया है कि OpenAI के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन और उनकी पत्नी ने 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की संस्था को 25 मिलियन डॉलर का दान दिया। वहीं, सीईओ सैम ऑल्टमैन ने ट्रंप के उद्घाटन कोष में 10 लाख डॉलर का योगदान दिया। यह राशि अन्य बड़ी AI कंपनियों की तुलना में कहीं अधिक बताई जा रही है।
Claude AI ऐप ने हासिल की नंबर-1 रैंकिंग
Anthropic के नैतिक रुख को लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है। कंपनी के Claude AI ऐप के डाउनलोड्स में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह ऐप अमेरिकी ऐप स्टोर पर 20 पायदान की छलांग लगाकर नंबर-1 पर पहुंच गया है।
यह स्पष्ट है कि उपयोगकर्ता उन AI प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं जो नैतिक मूल्यों और डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। ‘QuitGPT’ आंदोलन ने AI उद्योग में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां तकनीकी प्रगति और नैतिकता के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
AI के सैन्य उपयोग पर बहस तेज
इस पूरे घटनाक्रम ने AI तकनीक के सैन्य उपयोग पर बहस को और तेज कर दिया है। एक तरफ सरकारें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए AI का उपयोग करना चाहती हैं, वहीं दूसरी तरफ नागरिकों और विशेषज्ञों को इसके दुरुपयोग का डर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक अभी भी विकास के शुरुआती चरण में है और इसका असीमित सैन्य उपयोग खतरनाक हो सकता है। स्वचालित हथियार प्रणाली और बड़े पैमाने पर निगरानी जैसी तकनीकें मानवाधिकारों का उल्लंघन कर सकती हैं।
इस घटना ने AI कंपनियों के लिए एक सबक छोड़ा है कि उन्हें अपने उपयोगकर्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए पारदर्शी और नैतिक नीतियां अपनानी होंगी। ‘QuitGPT’ आंदोलन ने दिखा दिया है कि उपयोगकर्ता अब केवल तकनीकी क्षमता से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि वे यह भी देख रहे हैं कि कंपनियां उनके डेटा और गोपनीयता के साथ कैसा व्यवहार करती हैं।
- OpenAI के पेंटागन समझौते के बाद 25 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने ChatGPT छोड़ा
- ChatGPT ऐप को डिलीट करने वालों की संख्या में 295% की वृद्धि
- Anthropic के Claude AI को भारी समर्थन, डाउनलोड्स में 88% उछाल
- पेंटागन ने नैतिक रुख अपनाने वाली Anthropic को ब्लैकलिस्ट किया
- AI के सैन्य उपयोग को लेकर वैश्विक बहस तेज