एमसीडी स्कूलों के 200 छात्रों ने देखा तारामंडल और पीएम संग्रहालय, शुरू हुआ नया शिक्षण कार्यक्रम

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 200 विद्यार्थियों ने हाल ही में तारामंडल और प्रधानमंत्री संग्रहालय का शैक्षिक दौरा किया। यह आयोजन नए ‘अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम’ के तहत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबों से परे जाकर व्यावहारिक ज्ञान देना है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को 200 छात्रों का एक और समूह इन्हीं स्थानों का भ्रमण करेगा, जिससे अधिक से अधिक बच्चे इस अनूठे अनुभव का लाभ उठा सकें।

छात्रों के लिए विशेष व्यवस्थाएं

दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही की इस पहल के अंतर्गत छात्रों के लिए निर्देशित दौरे, आवागमन की सुविधा और जलपान की व्यवस्था की गई थी। शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीक और भारत के राजनीतिक इतिहास से रोचक और सरल तरीके से परिचित कराना है, ताकि वे पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ वास्तविक अनुभवों से भी सीख सकें।

उन्होंने कहा कि एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र ऐसे परिवारों से आते हैं, जिन्हें आमतौर पर इस प्रकार के शैक्षिक अवसरों तक सीमित पहुंच ही मिल पाती है। इस यात्रा ने उन्हें वैज्ञानिक और ऐतिहासिक चीजों को प्रत्यक्ष रूप से देखकर सीखने का मौका दिया।

तारामंडल और संग्रहालय में सीखने के अनुभव

योगेश वर्मा ने आगे बताया कि तारामंडल में छात्रों ने खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष संबंधी कई रोचक जानकारियां हासिल कीं। वहीं, प्रधानमंत्री संग्रहालय में उन्होंने भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन, उनके योगदान और कार्यकाल को दर्शाने वाली विभिन्न गैलरियों का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को इतिहास और विज्ञान को बहुत करीब से समझने का अवसर मिला।

अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी पारंपरिक कक्षा शिक्षण के साथ-साथ अनुभव आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दे रहा है। मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं और विज्ञान सहित अन्य विषयों के प्रति उनकी रुचि और जिज्ञासा बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।

  • कार्यक्रम के दौरान एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
  • इस पहल का उद्देश्य छात्रों को कक्षा से बाहर निकालकर व्यावहारिक और अनुभव-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है।
  • यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिनके पास इस तरह के शैक्षिक अवसरों तक सीमित पहुंच है।