बिजली से चलने वाला चूल्हा: कितनी बचत, कैसे काम करता है और क्या हैं फायदे?

एलपीजी गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों और कभी-कभार होने वाली कमी के बीच लोग अब बिजली से चलने वाले विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं विकल्पों में से एक है इलेक्ट्रिक चारकोल बर्नर, जो न सिर्फ खरीदने में सस्ता है बल्कि इस्तेमाल में भी बेहद आसान और सुरक्षित माना जाता है। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो इंडक्शन कुकटॉप के लिए महंगे बर्तन नहीं खरीदना चाहते। आइए समझते हैं कि यह उपकरण कैसे काम करता है और आपके मासिक बिजली बिल पर इसका कितना असर पड़ेगा।

कैसे काम करता है इलेक्ट्रिक चारकोल बर्नर?

यह चूल्हा पारंपरिक कोयले की अंगीठी का एक आधुनिक और इलेक्ट्रिक रूप है। इसमें एक विशेष हीटिंग एलिमेंट लगा होता है, जो बिजली मिलने पर कोयले को तेजी से गर्म करता है। जब कोयला एक बार पूरी तरह से लाल हो जाता है, तो वह अपने आप ही खाना पकाने के लिए पर्याप्त गर्मी छोड़ने लगता है। इस प्रक्रिया में बिजली के झटके लगने का खतरा भी नहीं रहता, क्योंकि इसमें खुली तारें या लपटें नहीं होतीं।

बिजली की खपत: 1 घंटे में कितनी यूनिट?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि कहीं यह चूल्हा बिजली के बिल को नहीं बढ़ा देगा। इसका सीधा सा जवाब है कि यह आपके इस्तेमाल पर निर्भर करता है। एक मीडियम से बड़े आकार का 1000 वॉट का बर्नर अगर लगातार एक घंटे तक चलता है, तो वह लगभग 1 यूनिट बिजली की खपत करता है।

अब अगर आपके राज्य में बिजली की दर 8 रुपये प्रति यूनिट है, तो एक घंटे खाना पकाने का खर्च महज 8 रुपये ही आएगा। यह गैस सिलिंडर के मुकाबले काफी किफायती साबित हो सकता है।

बचत का एक और तरीका

इस बर्नर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कोयला मात्र 5 से 7 मिनट में पूरी तरह गर्म हो जाता है। इसके बाद आप स्विच बंद कर सकते हैं। कोयले की अपनी संचित गर्मी से खाना पकता रहता है, जिससे बिजली की काफी बचत होती है।

इलेक्ट्रिक चारकोल बर्नर के प्रमुख फायदे

  • बर्तनों की कोई बंदिश नहीं: इंडक्शन की तरह इसमें सिर्फ खास बेस वाले बर्तनों की जरूरत नहीं होती। आप लोहे, एल्युमीनियम, स्टील या मिट्टी के किसी भी बर्तन का उपयोग कर सकते हैं।
  • धुआं रहित अनुभव: कोयले का इस्तेमाल होने के बावजूद इसमें पारंपरिक अंगीठी जैसा धुआं नहीं निकलता, जिससे आपकी रसोई साफ और ताजा रहती है।
  • सुरक्षित और आसान: इसमें खुली आग या लपटें नहीं होतीं, इसलिए यह गैस स्टोव की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। छोटे बच्चों वाले घरों में भी इसे बेफिक्र होकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • पोर्टेबिलिटी: यह वजन में हल्का होता है, जिसे आप पिकनिक, कैंपिंग या यात्रा के दौरान आसानी से अपने साथ ले जा सकते हैं।
  • तेजी से खाना पकाना: बिजली की सीधी गर्मी कोयले को बहुत जल्दी लाल कर देती है, जिससे खाना जल्दी पककर तैयार हो जाता है।

इस्तेमाल के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

हालांकि यह चूल्हा सस्ता और सुरक्षित है, फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। कोयला गर्म होने के बाद बर्नर काफी देर तक गर्म रहता है, इसलिए इसे छूने से बचें। हीट सेटिंग को कम या ज्यादा करके आप न केवल बिजली बचा सकते हैं, बल्कि खाने के स्वाद और बनावट को भी बेहतर बनाए रख सकते हैं।